इटावा। जनपद की पुलिस ने संगठित रूप से फर्जी फर्में बनाकर और फर्जी इनवॉइस के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित SIT और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने अब तक सरकारी खजाने को लगभग ₹7.03 करोड़ की राजस्व क्षति पहुँचाई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से देश के अलग-अलग राज्यों के पते पर फर्में खोलता था ताकि जांच एजेंसियों को चकमा दिया जा सके। इस गिरोह के तीन सदस्य पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, सहायक आयुक्त राज्य कर (GST) की तहरीर पर कोतवाली, फ्रेंड्स कॉलोनी और जसवंतनगर थानों में कुल 7 मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के केवल कागजों पर फर्जी टैक्स इनवॉइस जारी किए और अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्राप्त किया। गिरोह ने भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं और लोन का प्रलोभन देकर उनके दस्तावेजों पर 50 से 60 फर्जी जीएसटी फर्में रजिस्टर्ड करा रखी थीं।
पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों दबोचा
अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में गठित SIT ने IPDR, नेटग्रिड, सर्विलांस और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के डिजिटल विश्लेषण के बाद आरोपियों को दबोचा। पुलिस ने बताया कि मुख्य अभियुक्त अंकित जौहरी चार्टर्ड अकाउंटेंट न होने के बावजूद अकाउंटिंग और जीएसटी रिटर्न का काम करता था और सीए के फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग करता था। गिरोह फर्जी ITC पास-ऑन करने के बदले 2.5 प्रतिशत कमीशन लेता था।
गिरफ्तार अभियुक्त और बरामदगी
पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- अंकित जौहरी (निवासी टिक्सी मंदिर, कोतवाली)
- शिवा जौहरी (निवासी टिक्सी मंदिर, कोतवाली)
- अभिषेक कुमार शाक्य (निवासी कटरा समशेर खाँ)
- देवेश चन्द्र शाक्य (निवासी कटरा समशेर खाँ)
- मोहम्मद आसिफ खान (निवासी बरही टोला)
बरामद सामान: आरोपियों के पास से एक बिना नंबर प्लेट की मारुति सुजुकी फ्रोंक्स कार, एक लेनोवो लैपटॉप और भारी मात्रा में फर्जी जीएसटी इनवॉइस व ई-बिल से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
