जसवंतनगर,इटावा। उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत एवं विकास अधिकारी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को 10 सूत्रीय मांगों को लेकर व्यापक स्तर पर विरोध और असंतोष प्रकट किया गया। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी उदयवीर सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि विभागीय दायित्वों के अलावा अतिरिक्त कार्यों का लगातार बढ़ता बोझ ग्राम पंचायत अधिकारियों की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा है। बिना किसी अतिरिक्त संसाधन, उपकरण और तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराए अन्य विभागों के कार्य थोपे जाने से कर्मचारियों के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। ज्ञापन में हाल ही में लागू की गई ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली, विभागीय ऐप्स पर अनिवार्य फीडिंग, फील्ड में कमजोर नेटवर्क, लैपटॉप-डोंगल जैसी तकनीकी सुविधाओं की कमी तथा 24×7 डेटा एंट्री के बोझ को मुख्य समस्याओं के रूप में प्रस्तुत किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि सचिवों को प्रतिदिन विभिन्न सरकारी पोर्टलों पर डेटा अपलोड करना पड़ता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क और उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इसे अव्यावहारिक और कर्मचारियों का शोषण बताया।संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शासन ने शीघ्र प्रभावी निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। प्रथम चरण के रूप में 15 दिसंबर को सभी सचिव अपने-अपने डोंगल ब्लॉक मुख्यालय पर जमा करेंगे जिससे फीडिंग कार्य बाधित होगा और विभाग उच्च स्तर पर समस्याओं की वास्तविकता जान सकेगा।ज्ञापन देने वालों में सचिव देवेंद्र पाल सिंह, नीरज यादव, वरुण यादव,विजेंद्र वीर सिंह,संजय कुमार, अजय पाल, विवेक तिवारी, आनंदकांत, सुमित कुमार, रजनीश कुमार,हेमंत, अवनीश, वर्षा, राहुल, सुषमा,आकांक्षा,पूजा सहित संगठन की कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।
सचिवों ने दस सूत्रीय मांगो को लेकर वीडीओ को सौंपा ज्ञापन
