इटावा। तहसील सदर में सोमवार को जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से होना चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी संबंधित कर्मचारियों के साथ स्वयं मौके पर जाएं और शिकायतकर्ता का पक्ष सुनते हुए पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रकरणों की गंभीरता से जांच की जाए और यदि कोई दोषी या जवाबदेह पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने अधिकारियों को गांवों के भ्रमण के दौरान सरकारी योजनाओं का सत्यापन करने और लाभार्थियों से सीधे फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए।
तहसील सदर में आयोजित इस समाधान दिवस में कुल 14 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 03 का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष 11 शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व (जमीन) से संबंधित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि निस्तारण में एक सप्ताह से अधिक का समय लगता है, तो देरी का ठोस कारण स्पष्ट करना होगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि हर मामले में मौके पर जाकर निष्पक्ष कार्यवाही की जाए। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से निस्तारण की गुणवत्ता को लेकर सीधे शिकायतकर्ता से फीडबैक लिया जा रहा है, इसलिए गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी (सदर) विक्रम सिंह राघव, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेन्द्र कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर, तहसीलदार सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
