इटावा के सत्र न्यायालय में 22 फरवरी को आयोजित होने वाले ‘बृहद विधिक साक्षरता सेवा शिविर’ की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक।
इटावा। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार आगामी 22 फरवरी 2026 को जनपद में एक भव्य ‘बृहद विधिक साक्षरता सेवा शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन की पूर्व तैयारी और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को जनपद न्यायालय के सभागार में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता माननीय जनपद न्यायाधीश श्री रजत सिंह जैन ने की।
समन्वय और प्रचार-प्रसार पर जोर

बैठक को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश श्री रजत सिंह जैन ने कहा कि इस शिविर का मुख्य ध्येय समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है, जो जानकारी के अभाव में कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाता है। उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि:
- सभी विभाग आपसी समन्वय (Coordination) के साथ कार्य करें।
- शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इसका लाभ उठा सकें।
- अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास हो।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में प्रशासनिक और न्यायिक जगत के प्रमुख चेहरे शामिल रहे। मुख्य रूप से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती आरती द्विवेदी, समस्त न्यायिक अधिकारीगण और जनपद के 26 अधिकार मित्र उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभागीय जिम्मेदारियों के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा की गई।
खास आकर्षण: बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं का स्टॉल

समीक्षा बैठक के दौरान एक विशेष मानवीय पहल भी देखने को मिली। केंद्रीय कारागार इटावा के बंदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प वस्तुओं, जैसे मोमबत्तियां और अगरबत्तियों की बिक्री के लिए सभागार में एक स्टॉल लगाया गया। अधिकारियों और उपस्थित जनों ने न केवल इन वस्तुओं की सराहना की, बल्कि बढ़-चढ़कर खरीदारी कर बंदियों के सुधार और स्वरोजगार के प्रयासों को प्रोत्साहित किया।

बैठक के समापन पर सभी अधिकारियों ने आगामी 22 फरवरी के शिविर को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का संकल्प दोहराया।
