इटावा, 9 मार्च। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में महिला जनसुनवाई कर पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान महिला उत्पीड़न की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।

जनसुनवाई के दौरान कुल सात शिकायत पत्र प्राप्त हुए, जिनमें अधिकतर मामले महिला उत्पीड़न और पुलिस विभाग से संबंधित थे। सदस्य पूनम द्विवेदी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रकरणों का निस्तारण 15 दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा मिशन शक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सशक्त बनाया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की छोटी-बड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करें, ताकि पीड़ितों को न्याय के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और उनका मान-सम्मान सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा विभिन्न हेल्पलाइन नंबर संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग कर महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यदि समय पर न्याय नहीं मिलता है तो राज्य महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चार बालिकाओं को बाल विवाह रुकवाने के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सदस्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनसुनवाई में अपने विभाग द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी लिखित रूप में प्रस्तुत करें तथा सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
इस मौके पर सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और पीड़ित महिलाएं उपस्थित
