जसवंतनगर,इटावा। शहर के लघुपुरा स्थित प्रियांशी संस्कार वैली स्कूल में मंगलवार को 15वाँ वार्षिकोत्सव बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वार्षिक समारोह में बच्चों की प्रतिभा, कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसे देखने सैकड़ों अभिभावक एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदर विधायक सरिता भदौरिया तथा विशिष्ट अतिथि सीओ आयुषी सिंह ने दीप प्रज्वलन करके किया। विद्यालय की चेयरपर्सन रीना दुबे और प्रिंसिपल डॉ. स्नेहलता उमराव ने मां सरस्वती का पूजन किया तथा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर स्कूल परिसर प्रफुल्ल वातावरण से भरा हुआ था। बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों में भी उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंच की प्रस्तुति और साउंड सिस्टम की व्यवस्था उत्कृष्ट रही।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति से हुई, जिसमें नन्ही बच्चियों ने अपनी सुंदर वेशभूषा और अदाओं से दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद प्रस्तुत किए गए जंगल डांस, महिषासुर मर्दन, द्रोपदी चीरहरण, नरसिंह अवतार, हॉरर डांस, वेलकम सॉन्ग तथा कॉमेडी एक्ट ने सभी दर्शकों की वाहवाही लूटी। सांस्कृतिक संगम में भारतीय परंपराओं, पुराण कथाओं, वीरता और मनोरंजन का ऐसा संयोजन देखने को मिला जिसने लोगों पर गहरी छाप छोड़ी।
इस दौरान स्कूल के प्रबंधक अरुण दुबे ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज के बच्चे असीम ऊर्जा और बहुमुखी प्रतिभा से पूर्ण हैं। यह प्रत्येक शिक्षक और अभिभावक का दायित्व है कि वह बच्चों की संभावनाओं को पहचाने और उन्हें सही दिशा प्रदान करे। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शैक्षिक ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों को मार्शल आर्ट, स्पोर्ट्स, संगीत, नृत्य, आर्ट एंड क्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में भी सक्षम बनाने का प्रयास करता है ताकि सभी विद्यार्थी भविष्य में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।
विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. स्नेहलता उमराव ने कहा कि बच्चों में अनुशासन, संस्कार और मानवीय मूल्यों का विकास ही सच्ची शिक्षा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि बच्चों को जिम्मेदार, संस्कारी और आत्मनिर्भर नागरिक बनाना है।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने विद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी प्रस्तुतियां समाज में भारतीय संस्कृति और शिक्षा के मूल्यों को पुनर्जीवित करती हैं। कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों ने भी स्कूल द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस दौरान पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया।
प्रियांशी संस्कार वैली स्कूल में वार्षिकोत्सव सम्पन्न
