इटावा।मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एंड मैजिक एंड आर्ट्स यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में जनपद के मूल निवासी और कर्मठ शिक्षक संजीव कुमार को ‘मानद डॉक्टरेट’ की उपाधि से विभूषित किया गया है। हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान शिक्षा, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों के लिए दिया गया।
संजीव कुमार का शैक्षणिक करियर बेहद शानदार रहा है। वे सरस्वती शिशु मंदिर (बरनाहल) और जैन इंटर कॉलेज (करहल) के छात्र रहे हैं। उन्होंने पालीवाल कॉलेज शिकोहाबाद से एमएससी (रसायन शास्त्र) में 2003 में टॉप किया था। इसके अलावा उन्होंने सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग (भोपाल) से पीजी, इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से एमबीए और राजऋषि टंडन विश्वविद्यालय से योग में पीजी की शिक्षा प्राप्त की है। उनकी इस बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें हमेशा अन्य से अलग खड़ा किया है।
वर्तमान में सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत संजीव कुमार केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं हैं।
उन्होंने निर्धन कन्याओं के विवाह में वे सदैव आर्थिक और सामाजिक सहयोग प्रदान करते हैं।महामारी के दौरान उन्होंने ईंट-भट्टों पर जाकर बच्चों को शिक्षित किया और खुद मास्क तैयार कर बड़े स्तर पर वितरित किए।वे हर वर्ष न केवल पौधे वितरित करते हैं, बल्कि अब तक उनके द्वारा लगाए गए हजारों पौधे आज विशाल वृक्ष का रूप ले चुके हैं।प्रतिवर्ष गरीबों को भोजन, कपड़े और राशन उपलब्ध कराना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
एक शिक्षक संगठन के पदाधिकारी के रूप में संजीव कुमार शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए भी पूरी ईमानदारी से संघर्ष करते रहते हैं। अब तक उन्हें विभिन्न संस्थाओं द्वारा 50 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जो उनके समर्पण की पुष्टि करते हैं। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षाविदों, समाजसेवियों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
