जसवंतनगर,इटावा। श्री 1008 आदिनाथ जिन बिम्ब वेदी प्रतिष्ठा एवं आध्यात्मिक ज्ञानामृत महोत्सव के द्वितीय दिन मंगलवार को अयोध्यापुरी महावीर वाटिका में अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए गए।
प्रातःकाल शांति जाप मंत्र, भगवान आदिनाथ का अभिषेक,पूजन एवं याग मंडल विधान संगीतमय संपन्न हुआ। इसके पश्चात बाहर से पधारे विद्वानों के द्वारा स्वाध्याय कराया गया, जिसका लाभ बड़ी संख्या में उपस्थित जैन समूह ने लिया।

दोपहर में आयोजित कार्यक्रम में वर्तमान जीवन की समस्याओं पर आधारित एक विद्वत संगोष्ठी प.जेपी दोषी,और अच्युतकांत के निर्देशन मे सम्पन्न हुई,जिसमें विद्वानों ने भेद विज्ञान,कर्म सिद्धांत तथा जीवन और धर्म की यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान जीवन की समस्याओं के समाधान बताए।
महोत्सव के दौरान बच्चों के लिए बाल संस्कार क्लास का भी आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को नैतिक एवं धार्मिक शिक्षा दी गई।संध्या के समय कुबेर की व्यथा और नृत्य हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम में “अपनी नजरों का उल्टा चश्मा” नामक व्यवहारिक शिक्षा पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक के सभी कलाकार स्थानीय रहे और उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। महोत्सव में देश के विभिन्न प्रदेशों से जैन धर्मावलंबी बड़ी संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने मे शिवकांत आराध्य जैन सिमरैया परिवार की सर्वत्र प्रसंशा हो रही है।
