इटावा। जनपद इटावा में मालखाना निस्तारण अभियान के तहत इटावा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब तीन दशक पुराने प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण केस कार्बाइन को सुरक्षित रूप से वापस लाकर निस्तारित किया गया है। इस कार्रवाई से न केवल लंबित अभिलेखों को अद्यतन किया गया, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता भी उजागर हुई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में जनपद के सभी थानों में लंबित केस प्रॉपर्टी के शत-प्रतिशत निस्तारण एवं मालखानों के सुव्यवस्थितिकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना सिविल लाइन पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
थाना सिविल लाइन में पंजीकृत वर्ष 1996 के मु0अ0सं0 329/1996 से संबंधित मामले में वैज्ञानिक परीक्षण हेतु 9mm कारबाइन सहित कुल 11 महत्वपूर्ण साक्ष्यों को राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU), दिल्ली भेजा गया था। इस प्रकरण में वर्ष 2005 में न्यायालय द्वारा निर्णय पारित हो चुका था, लेकिन तकनीकी कारणों से साक्ष्य संस्थान स्तर पर लंबित थे।
मालखाना निस्तारण अभियान के तहत थाना सिविल लाइन के हेड मोहर्रिर हरवीर द्वारा पुराने अभिलेखों की गहन हरिवीर सिंह जांच की गई, जिसमें उक्त लंबित केस प्रॉपर्टी को चिन्हित किया गया। इसके बाद जनपद स्तर पर समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई गईं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष वाहक आरक्षी यशवंत सिंह को दिल्ली भेजा गया, जिन्होंने 9mm कारबाइन सहित सभी 11 साक्ष्यों को सीलबंद अवस्था में सुरक्षित वापस लाकर थाना सिविल लाइन के मालखाने में जमा कराया।
इस कार्यवाही के परिणामस्वरूप वर्षों से लंबित केस प्रॉपर्टी का सफल निस्तारण संभव हो सका है तथा जनपद के अभिलेखों को अद्यतन किया गया है। इटावा पुलिस की इस पहल को एक सराहनीय और अनुकरणीय कार्य माना जा रहा है।
इस सराहनीय कार्य पर एस एस पी बृजेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा सिविल लाइन थाने के हेड मुहर्रिर को दस हजार रुपए का ईनाम दिया गया।
