भरथना,इटावा। भरथना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भरथना-सरैया रमायन रोड पर बंबा के पास बुधवार की शाम 5 बजे एक तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से सड़क किनारे खड़े टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे टेंपो पलटकर प्राचीन हनुमान मंदिर से जा टकराया। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राचीन हनुमान मंदिर के पास खेतों में टमाटर की फसल लादने के लिए एक टेंपो खड़ा था। उसी समय सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो पलटकर सड़क किनारे बने प्राचीन हनुमान मंदिर की ओर जा गिरा। हादसे में मंदिर के बाहर लगे सीमेंट के पोल और दीवारें टूटकर क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं पिकअप भी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की और पुलिस को सूचना दी। रमायन गांव निवासी 43 वर्षीय गिरिजा देवी पत्नी स्वर्गीय अमर सिंह हादसे की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही गिरिजा देवी ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। उधर, हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से भाग गया। पुलिस चालक की तलाश में जुट गई है।
भांजी की शादी में जा रही थी महिला
गिरिजा देवी अपनी बहन उर्मिला की पौत्री सजनी पुत्री कल्लू की शादी में शामिल होने सरैया जा रही थीं। बुधवार को औरैया के भैसोल गांव से बारात आनी थी। जिसके चलते वह शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकली थीं। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गईं। गिरिजा देवी के दो बेटे और दो बेटियां हैं। उनके पति अमर सिंह की करीब 15 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है, जिसके बाद से वह परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
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मंदिर में स्थापित हनुमान प्रतिमा सुरक्षित
हादसे में एक बड़ा नुकसान होने से बाल-बाल टल गया। मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित रही। इसके अलावा मंदिर के पास खेतों में काम कर रहे लोग भी हादसे की चपेट में आने से बच गए। उस समय वहां अधिक लोग मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं घटना के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
