इटावा – संत विवेकानन्द सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल इटावा में आज स्वामी विवेकानंद जी की 164 वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई! इस मौके पर संस्था प्रांगण में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया जिसमें स्वामी जी के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्वामी जी के चित्र पर संस्था के प्रधानाचार्य/निदेशक डॉक्टर आनन्द ने पुष्प अर्पित करते हुए कहां कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति की पहचान पूरी दुनिया में फैलाई। वे युवाओं को राष्ट्र की रीढ़ मानते थे और उनका मानना था कि देश को ऐसे नौजवानों की आवश्यकता है जो स्वस्थ्य हो जिनकी मांसपेशियां फौलाद की हों और जो दृढ़ इच्छा शक्ति के मालिक हो। उन्होंने कहां कि जिस तरह स्वामी विवेकानंद जी ने हमेशा मन को एकाग्र रखते हुए लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया उसी को ध्यान में रखते हुए आप छात्र छात्राओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए कठिन मेहनत करते हुए अपने लक्ष्य की प्राप्ति करनी चाहिए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने किया संगोष्ठी का आयोजन।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एबीवीपी नगर इकाई इटावा के द्वारा युवा छात्र छात्राओं के बीच संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कानपुर प्रांत के प्रांतीय मंत्री दिनेश यादव ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहां कि स्वामी विवेकानंद एक भारतीय हिंदू संन्यासी, आध्यात्मिक गुरु और सुधारक थे। वे वेदांत और योग के उपदेशों, भारतीय संस्कृति और धर्म के पश्चिमी दुनिया में प्रसार और रामकृष्ण मिशन की स्थापना के लिए प्रसिद्ध हैं। इस मौके पर उन्होंने छात्र छात्राओं से अपने जीवन में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग बनने, ग्रीन कैंपस क्लीन कैंपस के साथ ही प्लास्टिक की वस्तुओं के प्रयोग से बचने एवं मोबाइल के कम प्रयोग के साथ ही अपने जीवन को अनुशासित रहते हुए नियमों का पालन करते हुए समाज में बदलाव लाने पर ज़ोर दिया।
इस मौके पर संस्था के प्रधानाचार्य/निदेशक डॉक्टर आनन्द ने मुख्य अतिथि दिनेश यादव एवं सोमू जी जिला संगठन मंत्री इटावा को प्रतीक चिन्ह देकर उनका स्वागत किया।
संगोष्ठी में एबीवीपी के नगर मंत्री संस्कार गुप्ता, प्रांत कार्यकारणी सदस्य राहुल राजपूत, कार्यकर्ता पवन दुबे, ओम कुशवाह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चित्रा परिहार ने किया! कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के वरिष्ठ शिक्षकों नवेंदु त्रिपाठी, केशव आनंद, अनित बालियान, मुहम्मद फ़ारिक़, कीर्ति गुप्ता, प्रिया यादव का अहम योगदान रहा।
