इटावा। कहते हैं मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। इस कहावत को जनपद इटावा के ताखा क्षेत्र की एक बेटी ने सच कर दिखाया है। अपनी शादी की विदाई जैसी महत्वपूर्ण रस्म को बीच में छोड़कर एक दुल्हन परीक्षा केंद्र पहुंची और बोर्ड परीक्षा देकर शिक्षा के प्रति अपने समर्पण का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया।
ताखा क्षेत्र के खरगपुर सरैया स्थित श्रीमती इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट की छात्रा तनुजा, पुत्री श्रीमान सिंह का विवाह 11 मार्च को किशनी रोड, ओमनगर (करहल) निवासी मोहित श्रीवास्तव के साथ संपन्न हुआ था। गुरुवार, 12 मार्च को घर में विदाई की रस्में चल रही थीं और तनुजा को ससुराल के लिए रवाना होना था। इसी बीच उसे संस्कृत विषय की अंतिम बोर्ड परीक्षा का ध्यान आया।
शिक्षा के प्रति जागरूक तनुजा ने ससुराल जाने से पहले परीक्षा देने का निर्णय लिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश यादव ने बताया कि विदाई के बाद तनुजा रास्ते से ही वापस लौट आई और सीधे अपने परीक्षा केंद्र पहुंच गई। सायंकालीन पाली में उसने संस्कृत विषय का पेपर दिया। दुल्हन के जोड़े में सजी छात्रा को परीक्षा केंद्र पर देखकर वहां मौजूद शिक्षक और अन्य परीक्षार्थी भी हैरान रह गए।
परीक्षा समाप्त होने के बाद ही तनुजा अपने ससुराल के लिए रवाना हुई। तनुजा के इस साहसिक निर्णय की विद्यालय परिवार और स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस बेटी ने साबित कर दिया है कि बेटियों के लिए शिक्षा और उनका भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में इस प्रेरणादायक घटना की चर्चा हर जुबान पर है।
विदाई की डोली छोड़ परीक्षा देने पहुंची दुल्हन, शिक्षा के जज्बे की हर तरफ चर्चा
