फौजी ढाबा पर लूट करने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने दबोचा

जसवंतनगर,इटावा। तीन दिन पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित फौजी ढाबे पर हुई लूट और मारपीट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने जांच के बाद बीती रात जोनई के समीप से स्कॉर्पियो सवार चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 16 हजार रुपये नगद,एक क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन, एक कुल्हाड़ी,315 बोर के सात जिंदा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो कार बरामद की गई है और रायफ़ल अभी तक बरामद नहीं हो पाई है।
थानाध्यक्ष कमल भाटी ने बताया कि 10 मार्च की रात करीब नौ बजे ढाबा संचालक राजीव कुमार निवासी नगला भिखन अपने फौजी ढाबे पर मौजूद थे। उसी दौरान स्कॉर्पियो कार से चार व्यक्ति वहां पहुंचे और खाना पैक करने को कहा। जब उनसे खाने के पैसे मांगे गए तो आरोपियों ने तलवार,फरसा और लोहे की रॉड निकालकर ढाबे पर हमला कर दिया। उन्होंने ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और गल्ले से करीब 16 हजार रुपये निकाल लिए।
इसके अलावा एक व्यक्ति द्वारा वीडियो बनाए जाने पर उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। आरोप है कि हमलावर ढाबा मालिक की लाइसेंसी 315 बोर राइफल और कारतूस भी छीनकर ले गए और भागते समय जान से मारने की नीयत से फायर करते हुए फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान सूचना मिली कि जोनई के पास पंजाब नंबर की एक स्कॉर्पियो कार में चार संदिग्ध व्यक्ति खड़े हैं। सूचना पर थानाध्यक्ष कमल भाटी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक ललित चतुर्वेदी,मनीष कुमार, शुभम वर्मा व पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चारों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम हरप्रीत सिंह पुत्र गुरनाम सिंह,प्रीत सिंह पुत्र सुखवेंद्र सिंह,जगदीप सिंह पुत्र सरदार सेवक सिंह और हरजिंदर सिंह पुत्र संतराम निवासी लुधियाना (पंजाब) बताए। उन्होंने बताया कि वे पटना साहिब गुरुद्वारा से दर्शन कर लुधियाना लौट रहे थे और ढाबे पर रुकने के दौरान विवाद होने पर घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है और स्कॉर्पियो कार को भी सीज कर दिया है।

थानाध्यक्ष कमल भाटी ने क्षेत्रवासियों और राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को ढाबा लूटकांड में छीनी गई लाइसेंसी राइफल कहीं भी पड़ी हुई या संदिग्ध स्थिति में मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें या उसे नजदीकी थाने में जमा करा दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राइफल की सूचना देने या पुलिस तक पहुंचाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।

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