इटावा, 14 जनवरी 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में ‘दर्पण पोर्टल’ के माध्यम से विकास कार्यों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त जन-शिकायतों के निस्तारण और उस पर मिलने वाले फीडबैक की खराब स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस और हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त फीडबैक के विवरण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने असंतोषजनक फीडबैक पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई की गुणवत्ता में सुधार लाएं ताकि पोर्टल पर फीडबैक की स्थिति बेहतर हो सके।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान डीएम ने व्यक्तिगत शौचालय निर्माण और ओडीएफ प्लस ग्रामों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- रेट्रोफिटिंग: लक्ष्य के सापेक्ष टूटे हुए शौचालयों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
- वर्मी कम्पोस्ट: एडीओ पंचायत को वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन बढ़ाने और किसानों व गौशाला केयर-टेकरों को इसका प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।
- सफाई व्यवस्था: तालाबों की सफाई और फिल्टर चेंबर पर कचरा जमा न होने देने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को कहा।
- पेंडिंग प्रोजेक्ट: अन्त्येष्टि स्थलों और डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण कार्यों को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के आदेश दिए।
पशु संरक्षण पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने गौशालाओं में हरे चारे और भूसे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चारे की बुवाई कराने, निराश्रित गौवंश को गौशालाओं में पहुँचाने और ‘सहभागिता योजना’ के तहत लोगों को जोड़कर गौवंश की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने फैमिली आईडी प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर लेते हुए कैंप लगाने के निर्देश दिए। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार करें ताकि अधिक से अधिक परिवारों की आईडी बन सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह, समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल सहित अन्य जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।
