डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक की मुख्य शाखा में 6 घंटे तक चली IT जांच, 102 करोड़ घोटाले से जोड़ा जा रहा मामला

कानपुर के आयकर निदेशक के मार्गदर्शन में सहायक निदेशक की अगुवाई में हुआ सर्वे, बैंक के बाहर रही कड़ी सुरक्षा

​इटावा। जनपद इटावा की डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड  की मुख्य शाखा में आज आयकर विभाग (Income Tax) की टीम ने छह घंटे से अधिक समय तक गहन जांच-पड़ताल (सर्वे) की। आयकर विभाग के इस अचानक एक्शन से बैंक परिसर और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
​यह सर्वे दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ और देर शाम तक जारी रहा। जांच टीम के बैंक में प्रवेश करते ही मुख्य शाखा को पूरी तरह से सील कर दिया गया। इस दौरान न तो किसी को अंदर जाने दिया गया और न ही कोई कर्मी बाहर आ सका। बैंक के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।


​उच्चाधिकारियों की निगरानी में हुई जांच
आयकर निदेशक (आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण), कानपुर, श्री आर. के. गुप्ता के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। सर्वे का नेतृत्व विमलेश राय, सहायक निदेशक, और अविनाश सोनवानी, आयकर अधिकारी, ने किया। टीम में आयकर निरीक्षक कय्यूम अहमद, देवअनंत श्रीवास्तव, धीरज यादव, राजेन्द्र कुमार और रवि पासवान भी शामिल थे। अधिकारियों ने बैंक के वित्तीय लेन-देन और अभिलेखों की गहन जांच की।


​हालांकि, अधिकारियों ने जांच के विषय में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि यह कार्रवाई बैंक में पूर्व में उजागर हुए 102 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ी हो सकती है। इस बड़े घोटाले में बैंक के कई कर्मियों पर कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया था।
​गहन जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद, देर शाम आयकर विभाग के सभी अधिकारी बैंक से रवाना हो गए। जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं, इसका स्पष्टीकरण आयकर विभाग की ओर से जांच टीम के बाहर आने के बाद ही हो सकेगा। लेकिन जांच के बाद जांच करता अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की कोई जानकारी मीडिया से साझा नहीं की ।

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