(प्रेम कुमार शाक्य)
जसवंतनगर/इटावा। संभागीय कृषि प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र, इटावा के राजकीय कृषि शोध क्षेत्र नई जसवंतनगर में सोमवार को एक दिवसीय कृषि ज्ञान मेला, कृषक गोष्ठी एवं कृषि प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उप कृषि निदेशक (शोध) इटावा द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा उप कृषि निदेशक एन. सिंह ने प्रस्तुत की। मेले में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सदर विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया रहीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में रासायनिक खादों पर अत्यधिक निर्भरता मानव स्वास्थ्य, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो रही है। इसलिए किसान जैविक खाद, गोबर खाद और प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाएं। उन्होंने बताया कि मोटे अनाज जैसे बाजरा, ज्वार, कोदो, कुटकी और जौ न केवल स्वास्थ्यवर्धक हैं बल्कि कम पानी, कम उर्वरक और कम लागत में उगाए जा सकते हैं। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती टिकाऊ बनेगी।
उन्होंने महिलाओं से अपील की कि घर की खाली पड़ी जगह पर गृह वाटिका तैयार करें, जिससे ताजा और शुद्ध सब्जियों की उपलब्धता घर में ही हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि रासायनिक खेती से उत्पन्न फसलों का अधिक सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है, इसलिए जैविक खेती समय की आवश्यकता है।
मेले में कृषि यंत्रों, उन्नत बीज प्रजातियों, मिट्टी परीक्षण तकनीकों, ड्रिप सिंचाई सहित आधुनिक कृषि उपकरणों के स्टॉल लगाए गए। विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम आधारित खेती, लागत कम करने के उपाय, फसल सुरक्षा तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। किसान वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करते नजर आए।
कार्यक्रम के अंत में किसानों को प्रमाणपत्र और सूचना पुस्तिकाएं वितरित की गईं। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक आर्यन सिंह, कृषि वैज्ञानिक एम.के. सिंह, डॉक्टर पुष्पा सिंह, सहायक विकास अधिकारी बलवीर सिंह, शोध अधिकारी गजेंद्र सिंह तथा कृषि प्रबंधक एशलेंद्र सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्पन्न हुआ।
