इटावा। प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा की गिरती गुणवत्ता और शिक्षकों की कमी को लेकर मानव शक्ति पार्टी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी के जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार की मांग की है।

ज्ञापन में जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1918 के बाद से शिक्षकों की कोई बड़ी सीधी भर्ती नहीं हुई है, जिसके कारण वर्तमान में लगभग 1,81,276 पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि इन पदों को एक विशेष अभियान के तहत अतिशीघ्र भरा जाए ताकि बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो।
प्रमुख मांगें एवं सुझाव
मानव शक्ति पार्टी द्वारा सौंपे गए 11 सूत्रीय मांग पत्र में निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए गए हैं।
- अदालती मामलों का निस्तारण: न्यायालयों में लंबित शिक्षक भर्ती के मामलों में सरकार प्रभावी पैरवी कर उन्हें जल्द निपटाए।
- गैर-शिक्षण कार्यों पर रोक: शिक्षकों से केवल शिक्षण कार्य ही कराया जाए, ताकि वे पूरी ऊर्जा बच्चों की पढ़ाई पर लगा सकें।
- तकनीकी शिक्षा: प्राथमिक स्तर से ही छात्रों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जाए और नई तकनीक से शिक्षण की व्यवस्था हो।
- मिड-डे मील का हस्तांतरण: भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी शिक्षकों के बजाय किसी अन्य संबंधित विभाग को सौंपी जाए।
- बुनियादी ढांचा: विद्यालयों के भवनों की मजबूती की जांच हो और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को पक्की सड़कों से जोड़ा जाए।
- भ्रष्टाचार पर लगाम: जिला बेसिक शिक्षा कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।
शिक्षा की स्थिति पर चिंता
ज्ञापन में कहा गया है कि बच्चे देश का भविष्य हैं, लेकिन वर्तमान में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जो एक गंभीर विषय है। संजीव राजपूत ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते वे इन बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर सतीश चंद्र राजपूत मंडल महासचिव कानपुर , विनोद भाटेले जिला उपाध्यक्ष अरविंद यादव राष्ट्रीय सचिव, बृजेंद्र राजपूत जिला उपाध्यक्ष, अजय कुमार ,शैलेंद्र कुमार, सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
