ऊसराहार,इटावा। थाना क्षेत्र के महुआ गांव निवासी रामनरेश पुत्र सुंदर सिंह ने अपने मकान के पास रखी झोपड़ी में आगजनी किए जाने और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार 25 नवंबर 2025 की रात करीब 11 बजे विपक्षियों ने उसकी झोपड़ी में जानबूझकर आग लगा दी थी।
रामनरेश ने बताया कि घटना के समय वह अपने पुत्र के साथ गांव से जाने वाली बारात में गया हुआ था। आगजनी की घटना उसकी पत्नी ने देखी, जिसके बाद तत्काल डायल 112 पर सूचना दी गई। आग से झोपड़ी में रखा घरेलू सामान, करीब 10 कुंतल लकड़ी, बाजरे की पूड़ी, दो जामुन के पेड़, एक आम का पेड़ और एक कटहल का पेड़ जलकर राख हो गया। पीड़ित के अनुसार नुकसान करीब 50 हजार रुपये से अधिक का हुआ है।
पीड़ित ने इस संबंध में थाना ऊसराहार, भरतिया कोठी चौकी और इटावा एसएसपी कार्यालय में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
रामनरेश का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद संबंधित दरोगा उनके घर पहुंचे और समझौते (राजीनामा) का दबाव बनाने लगे। पीड़ित के मुताबिक दरोगा जी ने राजीनामा न करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।
पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में पुलिस पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
