संजय सेंगर
महेवा इटावा।कस्बा निवाड़ी कलां में खुले देशी व विदेशी शराब के ठेकों पर गद्दीदारों की दबंगई खुलेआम देखने को मिल रही है। ठेका संचालन का समय सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक तय है, लेकिन यहां गद्दीदार अपने मनमाने समय पर दुकान खोलकर शराब बेच रहे हैं। न पुलिस प्रशासन का डर, न आबकारी विभाग की परवाह—कानून जैसे इनके लिए कोई मायने नहीं रखता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन ठेकों पर न केवल समय से पहले और समय के बाद शराब बेची जाती है, बल्कि शादी-विवाह जैसे आयोजनों में भी देर रात तक बिक्री जारी रहती है। इतना ही नहीं, रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार पर भी नियमों को ताक पर रखकर सुबह-सुबह देशी ठेका खोल दिया गया और शराब बेची गई। इसकी तस्वीर एक जागरूक राहगीर ने खींचकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है।
कस्बे के कई भले लोगों ने ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। उनका कहना है कि ठेका रिहायशी इलाके में होने से यहां माहौल बिगड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से ठेका हटाकर इसे एकांत स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना है कि प्रशासन इस मामले में कब और क्या कदम उठाता है।
