इटावा। इटावा मुख्यालय पर विगत रात्रि जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक राहुल बाबू द्वारा अपने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया कि देर रात्रि 12 बजे सिविल लाइन थाने की पुलिस उनको जबरन उठा लें गयी। इस मामले ने तूल आज उस समय पकड़ा जब सुबह जिला अस्पताल में कई चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे ओपीडी चालू थी, लेकिन उसी समय कुछ चिकित्सा बाद जिला अस्पताल स्टाफ द्वारा ड्यूटी डॉक्टर को उठाकर ओपीडी बंद करवा दी गई जिससे जिला अस्पताल में आए हुए मरीजों को डेढ़ से 2 घंटे तक समस्या का सामना करना पड़ा जिसकी वजह थी देवरात्रि चिकित्सा राहुल बाबू द्वारा लगाए गए आप की मेरे साथ पुलिस वालों ने अभद्रता की और मुझको जिला अस्पताल से जबरन ले गई।
इस घटना की जानकारी जैसे ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.बी के सिंह को हुई तो श्री सिंह भी तत्काल जिला अस्पताल आ पहुँचे और विरोध प्रदर्शन कर रहे जिला अस्पताल के चिकित्सकों को आश्वासन देकर पुनः ओपीडी चालू करवाई। देव रात्रि चिकित्सक राहुल बाबू के साथ हुई घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें डॉ. राहुल बाबू द्वारा लगाया गया आरोप निराधार साबित हो रहा है यह बात हम नहीं बल्कि वायरल हुए वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि एक दरोगा चिकित्सक से सिर्फ बातचीत कर रहे हैं उसके बाद चिकित्सक राहुल बाबू स्वयं अपनी कुर्सी से उठकर बाहर जा रहे हैं उनके साथ पुलिस कर्मचारियों द्वारा किसी भी तरीके की जबरदस्ती या धक्का मुक्की नहीं की गई है। जब चिकित्सक राहुल बाबू इमरजेंसी से बाहर निकल आए तब उनको लेने गए चार पुलिस वाले उनके कंधे पर हाथ रखकर दोस्ताना अंदाज में उनको हॉस्पिटल से ले गए और इसके बाद कुछ देर बीतने के उपरांत पुलिस वाले स्वयं चिकित्सक राहुल बाबू को जिला अस्पताल छोड़ भी गए। चिकित्सक राहुल बाबू द्वारा अपने बयान में बताया गया है कि पुलिस वाले जो उन्हें लेने आए थे उनके द्वारा अभद्रता की गई व धक्का मुक्की करके अपहरण करने की कोशिश की गई इसके बाद उनका मोबाइल भी छीन लिया गया जब एसपी साहब ने इस घटना का संज्ञान लिया तब उन्होंने पुलिस वालों को आदेश दिया कि चिकित्सक को जिला अस्पताल में छोड़कर आओ। कुल मिलाकर इस पूरी घटना का सीसीटीवी वीडियो जब से सामने आया है तब से यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिरकार पुलिस वाले जो चिकित्सक को लेने आए थे उनका अपहरण करने की क्या आवश्यकता पड़ी एवं उनके द्वारा चिकित्सा का मोबाइल क्यों छीना गया इस बात का उत्तर स्वयं चिकित्सक राहुल बाबू के पास भी नहीं है। घटना की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.बीके सिंह द्वारा एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव को दी गई जिस पर एसएसपी ने प्रारंभिक तौर पर जो पुलिस वाले चिकित्सक राहुल बाबू को लेने गए थे उनसे माफी भी मंगवाई।
सरकारी डॉक्टर ने पुलिस पर लगाए आरोप, सीसीटीवी वीडियो में चिकित्सक स्वयं पुलिस के साथ गए
