इटावा।इटावा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति 5.0’ कार्यक्रम के तहत साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में, आज साइबर सेल द्वारा इटावा के पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल में छात्र-छात्राओं के बीच एक विशेष ‘साइबर पाठशाला’ का आयोजन किया गया।
इस पाठशाला में छात्र-छात्राओं को साइबर फ्रॉड के विभिन्न प्रकारों, बैंक धोखाधड़ी से बचाव और सोशल मीडिया पर सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

मुख्य रूप से इन विषयों पर किया गया जागरूक:
स्ट्रांग पासवर्ड और सोशल मीडिया सुरक्षा: पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मजबूत (स्ट्रांग) पासवर्ड बनाने के महत्व के बारे में बताया, जिससे उनके अकाउंट सुरक्षित रह सकें।
‘डिजिटल अरेस्टिंग’ का खंडन: पुलिस ने एक महत्वपूर्ण भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि ‘डिजिटल अरेस्टिंग’ जैसी कोई धारा या कानूनी प्रक्रिया मौजूद नहीं है। लोगों को आगाह किया गया कि वे ऐसे फेक कॉल पर ध्यान न दें और किसी के बहकावे में न आएं, जिसमें उन्हें ऑनलाइन या डिजिटली गिरफ्तार करने की धमकी दी जाती है।
शिकायत दर्ज करने का तरीका बताया: किसी भी प्रकार के सोशल मीडिया फ्रॉड या बैंक धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 1930 और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया समझाई।
एसपी अपराध सुबोध गौतम ने साइबर जागरूक भारत’ के प्रति किया जागरूक

एसपी अपराध सुबोध गौतम ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ‘साइबर जागरूक भारत’ के अंतर्गत बच्चों को साइबर अपराधों से बचने के लिए आवश्यक सुरक्षा दृष्टिकोणों और सावधानियों से परिचित कराना है।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक फ्रॉड से बचने के लिए:
- बिना किसी परिचित के मैसेज का जवाब न दें।
- अपने मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत अपने नजदीकी थाने या साइबर अपराध शाखा में करें।
एसपी गौतम ने यह भी जानकारी दी कि साइबर अपराध शाखा की टीम ने छात्र-छात्राओं को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित अधिनियमों के तहत हुए नए कानूनी बदलावों के बारे में भी बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
