जसवंतनगर,इटावा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अंगदान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहसील सचिव तहसीलदार नेहा सचान तथा पीएलवी/अधिकार मित्र ऋषभ पाठक के संयोजन में आयोजित शिविर में अंगदान दिवस: जीवन का दान,जीवन का उपहार थीम पर लोगों को अंगदान के महत्व से अवगत कराया गया।
तहसीलदार नेहा सचान ने बताया कि अंगदान वह महान कार्य है, जिसमें व्यक्ति अपने एक या अधिक अंग किसी जरूरतमंद को देकर उसकी जिंदगी बचा सकता है। किडनी,लिवर,हृदय और फेफड़े जैसे अंगों का दान कई गंभीर मरीजों को नया जीवन प्रदान करता है। विशेषज्ञों ने बताया कि अंगदान न केवल जीवन बचाता है,बल्कि अंग प्राप्तकर्ता के जीवन की गुणवत्ता को भी कई गुना बेहतर बनाता है।
अधिकार मित्र ऋषभ पाठक ने उपस्थित लोगों को अंगदान की प्रक्रिया, पंजीकरण और जागरूकता फैलाने के महत्व के बारे में जानकारी दी। लोगों को प्रेरित किया गया कि वे स्वयं भी अंगदान के लिए आगे आएं और समाज में अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए जागरूक करें।
डॉ.विकास अग्निहोत्री ने ऐतिहासिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1954 में अमेरिका में पहला सफल किडनी प्रत्यारोपण किया गया था, जिसने अंगदान के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि भारत में अंगदान की दर अभी भी काफी कम है। हर वर्ष करीब 5लाख लोगों को अंगदान की आवश्यकता होती है, लेकिन मात्र 20 हजार लोग ही दान कर पाते हैं। यदि लोग आगे आएं, तो हजारों मरीजों की जिंदगी बदली जा सकती है। इसी दौरान विजली विभाग के कर्मचारी हिमांशु ने अपनी आँखों को दान करने का संकल्प लिया।
शिविर में पीएलवी कुमारी नीरज,राजेंद्र सिंह, फार्मासिस्ट भूपेंद्र सिंह, वीसीपीएम सुनील, एआरओ सतीश कुमार, बीएचडब्ल्यू केशव, सीएचओ अवनीश,विवेक, एएनएम प्रियंका,ज्योति, संध्या,अंजुलता,मंजू लता, नीतू सिंह, संगीता,रूबी, कंचन,शुभम सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
शिविर के अंत में सभी ने अंगदान के महत्व को समझते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अंगदान जागरूकता शिविर में दिलाई प्रेरणा
