(प्रेम कुमार शाक्य)
जसवंतनगर/इटावा। ब्लॉक सभागार में खंड विकास अधिकारी उदयवीर दुबे की अध्यक्षता में आजीविका सखियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनकी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ कर आय में निरंतर वृद्धि करना रहा। कार्यक्रम के दौरान सखियों को यह बताया गया कि वे किस प्रकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं और किसी भी प्रकार के आर्थिक जोखिम से स्वयं को सुरक्षित रख सकती हैं।
बैठक में गृह वाटिका को आजीविका का सशक्त माध्यम बताया गया। सखियों को बिना रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशकों के सब्जी उत्पादन की तकनीक समझाई गई, जिससे परिवार को स्वच्छ, पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके और अतिरिक्त उत्पादन से बाजार में विक्रय कर आमदनी भी बढ़ाई जा सके। साथ ही पशुपालन, विशेषकर बकरी पालन में होने वाली बीमारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारियों के लक्षण, रोकथाम और समय पर उपचार की जानकारी देकर सखियों को जागरूक किया गया।
आजीविका को और मजबूत बनाने के लिए चिप्स, पापड़, नमकीन जैसे लघु कुटीर उद्योगों पर भी चर्चा हुई। जिन सखियों ने इन कार्यों का प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उन्हें नियमित रूप से उत्पादन शुरू करने, गुणवत्ता बनाए रखने और बाजार से जोड़कर अपनी आय को दोगुना करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रबंधन समिति, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के प्रतिनिधि प्रवीण सिंह ने बताया कि सखियों द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन के लिए एक स्थायी दुकान खोलने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया है। बैठक में उपस्थित सखियों ने ब्रह्माणी देवी मंदिर परिसर के समीप दुकान खोलने का सुझाव दिया, जिस पर आगे आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। बैठक में बड़ी संख्या में आजीविका सखियां मौजूद रहीं।
खंड विकास अधिकारी की आजीविका सखियों के साथ बैठक
