इटावा ।पर्यावरण छात्र संसद का नुमाइश पंडाल में आयोजन किया गया। इसमें अरावली की पहाड़ियों को सुरक्षित रखना की अपील की गई। यह भी कहा गया कि इसके लिए सख्त कानून बनाए जाएं। इसके साथ ही प्रदूषण से बचने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई प्रस्ताव रखे गए। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रस्ताव रखा गया ।

पर्यावरण छात्र संसद में छात्रों ने कहा कि कई स्थानों पर जाम लगता है। खास बात है कि जाम के दौरान भी वाहन स्टार्ट रखें जाते हैं जिससे प्रदूषण फैलता है। इससे बचना बहुत जरूरी है। जाम ना लगे तो इस प्रदूषण से बचा जा सकता है। यह प्रस्ताव भी रखा गया की प्लास्टिक का प्रयोग ना किया जाए इसके स्थान पर कपड़े का थैला लेकर बाजार जाया जाए। यह प्रस्ताव भी रखा गया कि कागज का भी अधिक प्रयोग ना किया जाए और कागज की बर्बादी को भी रोका जाए। छात्र संसद में छात्रों ने प्रस्ताव रखा की पानी की बर्बादी रोकी जाए । बड़ी इमारत में रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही बरसात के पानी का भी संरक्षण किया जाए। छात्रों ने अपनी पर्यावरण संसद में ध्वनि प्रदूषण के साथ ही वायु प्रदूषण को भी घातक बताया और इसे रोकने के लिए उपाय भी बताएं उन्होंने कहा कि इसके लिए सार्वजनिक वाहनों का अधिक प्रयोग किया जाए।

इससे पूर्व पर्यावरण छात्र सांसद का शुभारंभ इटावा सफारी पार्क के डायरेक्टर डा. अनिल पटेल, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विकास नायक, डिप्टी डायरेक्टर इटावा सफारी डा. विनय सिंह ने दी प्रज्वलित करके किया । कार्यक्रम के संयोजक पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक सीबीएसई के डीटीसी डा. कैलाश चन्द्र यादव, संजय सक्सेना, माधवेंद्र शर्मा मननारायण तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर चंबल सेंचुरी के वार्डन के चंद्रशेखर, कृषि इंजीनियरिंग कालेज के डीन एनके शर्मा, सह जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ मुकेश यादव, विभिन्न विद्यालयों की प्रधानाचार्य मौजूद रहे। एक बालक एलविश ने सभी अतिथियों को पौधे भेंट किया। वह पौधारोपण का कार्य भी कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान पदम सिंह पदम, संजय चौहान, डा. सुनीता यादव, डा. संगीता, निर्मल सिंह, संजीव चौहान को पर्यावरण संरक्षण पर योगदान देने पर सम्मानित किया गया।

