प्रतिकूल परिस्थितियों में भजन जरूर करें: संतश्री राजेंद्रदास महाराज

इटावा। जनपद प्रदर्शनी पंडाल में दो दिवसीय राम चरित मानस सम्मेलन के दूसरे दिन प्रवचन करते हुए विख्यात संत मलूक पीठाधीश्वर देवाचार्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति को अपना मनुष्य जीवन सार्थक करने के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों में भी भगवत्प्राप्ति का साधन करना चाहिए। जैसे विभीषण, प्रहलाद, मीरा, नरसी भगत आदि ने की। अगर साधन और स्वाध्याय करने में बहानेबाजी की तो यह मनुष्य जन्म मिलना भी व्यर्थ चला जाएगा।

विभीषण शरणागति के प्रसंग की चर्चा करते हुए महाराजश्री ने कहा प्रायः लोग यही कहते मिलते हैं कि परिवार और समाज के जन भजन करने को लेकर ताने मारते हैं, पर यह केवल बहानेबाजी ही है, क्या विभीषण से ज्यादा प्रतिकूल परिस्थिति भी किसी को हो सकती है, यथा, ” लंका निशचर निकर निवासा। यहां कहां सज्जन कर बासा”। और, “रहके रावण की नगरी निशाचर पुरी, राम भक्ति निभाना कठिन काम था”। फिरभी भरसक विभीषण निभाता रहा मन से जपता सदा राम का नाम था”। उसने इतनी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शरणागति भाव और निरंतरता से राम नाम जपा तो एक दिन उसे भगवान मिले, और कहा “तुम सारिखे संत प्रिय मोरे। धरहु देह नहि आन निहोरे”। सच तो यह है कि भगवान के अनुग्रह से ही व्यक्ति के जीवन में प्रतिकूल परिस्थितियां आती हैं, ताकि वह अपना मनुष्य जीवन भजन करके सार्थक बना सके और ऐसा इसलिए, क्योंकि शरणागत व्यक्ति कभी स्वार्थ परायण नहीं होता।

उन्होंने कहा कि अजन्मा परब्रह्म रामजी ने नर रूप में अवतार लिया ही इसलिए ताकि वह अपने मर्यादित आचरण का ऐसा उदाहरण सामने रखें जिस पर चलकर मनुष्य अपने परिवार, समाज, राष्ट्र और सम्पूर्ण सृष्टि के लिए उपयोगी बनकर अपना जीवन सार्थक बना सकें।

इससे पूर्व कार्यक्रम के संरक्षक डॉ विश्वपति त्रिवेदी एवं संयोजक संजीव अग्रवाल (एफसीए) के अलावा पिलुआ धाम के पीठाधीश्वर महंत हरभजनदास महाराज, स्वामी वासुदेव मुनि, कालीबाड़ी के महंत सुबोधानंद सरस्वती, सनातन धर्म प्रचारक पं. मनुपुत्रदास, जल योद्धा पद्मश्री उमाशंकर पांडे, राजेश वाजपेई, पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद आदि कई संतों एवं विशिष्ट व्यक्तियों ने महाराजश्री का स्वागत एवं सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. कुश चतुर्वेदी एवं सुधीर मिश्र ने संयुक्त रूप से किया।

सम्मेलन में प्रदीप गुप्ता एडवोकेट, प्रदर्शनी सदस्य रवींद्र सिंह दुबे एडवोकेट, सुनीता दीक्षित श्यामा, ओम नारायण शुक्ला, सुरेश अरोरा, राजेश अरोरा, श्रीनिवास वर्मा, श्रीमन्नारायण तिवारी, मयंक यादव, गोपाल वर्मा, कृपानंद वाजपेई, रवीन्द्रनाथ त्रिपाठी, नीरज दीक्षित, राजीव लोचन दीक्षित, कुलदीप अवस्थी, केके सक्सेना, ओपी मिश्रा, मुन्ना मिश्रा, आशुतोष त्रिवेदी, राजीव अवस्थी, हिमांशु, अर्चना चतुर्वेदी, पूनम पांडेय, प्रीती पांडे, शिखा अग्रवाल, शुभदा शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अंत में सभी कार्यकर्ताओं का महाराजश्री द्वारा भी सम्मान किया गया। आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ।संयोजक संजीव अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का आभार जताया।

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