इटावा। जिला गंगा समिति, सामाजिक वानिकी प्रभाग एवं जिला पर्यावरण समिति के संयुक्त तत्वावधान में निकाली जा रही ‘अविरल और निर्मल यमुना यात्रा’ शुक्रवार को कालेश्वर गढ़िया (पंचनद) पहुँची। यहाँ जल सहेलियों का भव्य स्वागत किया गया और यमुना नदी के संरक्षण हेतु जनजागरूकता का संदेश दिया गया।

साध्वी सरिता गिरि जी एवं डॉ. संजय सिंह के नेतृत्व में यह यात्रा अपराह्न 3:30 बजे कालेश्वर गढ़िया पहुँची। यात्रा का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने और इसके जल संरक्षण के प्रति स्थानीय नागरिकों को संवेदनशील बनाना है। जल सहेलियों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी से अब यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
यात्रा के पहुँचने पर नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी संजीव चौहान एवं स्थानीय समाजसेवियों ने सभी आगंतुकों का माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर ‘यमुना चौपाल’ का आयोजन किया गया, जिसमें नदी के अस्तित्व को बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यमुना की स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्तियों का विशेष योगदान रहा:वरुण सिंह, शीतल सिंह सेंगर, करण सिंह पराशन,छोटे सिंह, इंद्रपाल सिंह परिहार, बिहारी सिंह,सुनील कुमार, गोलू, प्रदीप शर्मा, राहुल पवार,डॉ. संगीता (JRF)।
