अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग का बीजेपी से गठजोड़ और SIR मुद्दे पर उठाए सवाल

इटावा – पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद बलराम सिंह यादव के पुत्र अजय यादव ‘गुड्डू’ के निधन पर शोक व्यक्त करने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इटावा पहुंचे। उन्होंने बलराम सिंह चौराहा स्थित आवास पर पहुंचकर अजय यादव ‘गुड्डू’ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।


इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सपा सुप्रीमो ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। SIR (मतदाता पुनरीक्षण) के मुद्दे पर उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच मिलीभगत की बात को स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि जब फॉर्म नंबर 7 बड़े पैमाने पर एक साथ भरे जा रहे थे, तब समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाया था कि जब एसएआर की प्रक्रिया चल रही है तो फॉर्म 7 की क्या आवश्यकता है। इसके बावजूद गड़बड़ियां जारी रहीं।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि लखनऊ की सरोजिनी नगर विधानसभा में संदिग्ध तरीके से वोट बनाए और काटे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर नामों के आधार पर विशेष समुदाय के वोट प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह एक टारगेटेड प्लान था, ताकि सपा समर्थक और पीडीए वर्ग के वोट काटे जा सकें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद न तो एसडीएम और न ही डीएम पर कोई कार्रवाई की गई, जिससे प्रशासन, सरकार और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा जहां 47 फॉर्म 7 भरे गए, वहीं भाजपा की ओर से लगभग 1000 फॉर्म भरे गए और करीब 1,14,000 फॉर्म अज्ञात लोगों द्वारा जमा किए गए। उनका दावा था कि इनका संबंध पीडीए वर्ग के मतदाताओं से है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो सभी से प्रमाणपत्र मांगते हैं, वे स्वयं बताएं कि वे किस आधार पर योगी बने हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की भाषा शैली पर भी आपत्ति जताई। साथ ही भाजपा पर सनातन की परिभाषा को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सनातन का अर्थ भाईचारा और सद्भाव है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार शंकराचार्यों का अपमान कर रही है और मीडिया पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस दिन मीडिया निष्पक्ष और ईमानदार हो जाएगी, उस दिन भाजपा सरकार गिर जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने अपने आपराधिक मुकदमे स्वयं वापस लिए हैं।
अमेरिका के साथ प्रस्तावित डील को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस डील का विरोध करती है और जनता भाजपा को जवाब देगी।
अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि 16 तारीख को वे इस पूरे प्रकरण पर प्रेस वार्ता करेंगे और चुनाव आयोग को विस्तृत जानकारी देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं की हैं और इटावा में भी अवैध खनन एवं भूमि घोटालों के मामले सामने आए हैं।

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