इटावा में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का भव्य आयोजन

एडीजी कानपुर जोन की वर्चुअल उपस्थिति, डीआईजी एवं डीजीपी ने दिए सुरक्षा के टिप्स

इटावा, 19 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों तथा उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की 10 प्राथमिकताओं में सर्वोच्च प्राथमिकता साइबर अपराध नियंत्रण के क्रम में जनपद इटावा पुलिस द्वारा गुरुवार को सुदिति ग्लोबल इंटर कॉलेज, इटावा में “साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला” का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम दोपहर 1:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक आयोजित हुआ। इसमें अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन की वर्चुअल उपस्थिति तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर रेंज हरीश चन्दर की गरिमामयी उपस्थिति रही।


इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश श्री रजत कुमार जैन, जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि, अधिवक्ता, पूर्व सैनिक, छात्र-छात्राएँ एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


साइबर विशेषज्ञ का लाइव डेमो
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, उनकी कार्यप्रणाली एवं प्रभावी रोकथाम उपायों पर सरल एवं प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, ओटीपी ठगी, सुरक्षित पासवर्ड प्रबंधन, सोशल इंजीनियरिंग, फेक लिंक एवं डिजिटल भुगतान से संबंधित धोखाधड़ी के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। लाइव डेमो के माध्यम से यूपीआई फ्रॉड, फेक कॉल, एसएमएस स्कैम और फिशिंग ईमेल से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के “3S फॉर्मूला – Stop, Scan, Share Wisely” अपनाने की सलाह दी।


मुख्य अतिथियों का संबोधन
अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि “साइबर जागरूकता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।” उन्होंने नागरिकों से मोबाइल, बैंकिंग ऐप्स और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद इटावा पुलिस साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सतत प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (www.cybercrime.gov.in�) अथवा हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल सूचना देकर सहायता प्राप्त की जा सकती है।


डीजीपी का वर्चुअल संबोधन
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की प्रकृति एवं उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ओटीपी, बैंक विवरण, पासवर्ड या निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से सतर्क रहें।


सम्मान एवं उपलब्धियां
कार्यक्रम के अंत में पुलिस उपमहानिरीक्षक हरीश चन्दर द्वारा साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विगत वर्ष इटावा पुलिस द्वारा 44 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनसे ₹1,97,10,556 की धनराशि बरामद की गई तथा ₹2,02,27,784 की धनराशि लीन कराई गई। साथ ही अपराध में प्रयुक्त 2412 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कराया गया।
इटावा पुलिस द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिक साइबर अपराधों के प्रति जागरूक हो सकें।

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