इटावा। सर मदनलाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फ़ार्मेसी, इटावा द्वारा “फार्मास्यूटिकल शिक्षा, उद्योग और शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वर्तमान रुझान और भविष्य की दिशा” पर नेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के प्रमुख संस्थानों से आए प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, छात्रों तथा उद्योग विशेषज्ञों ने सहभागिता की ।
सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुवात की।
अतिथियों का स्वागत बुके देकर किया गया एवं सम्मानस्वरूप स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।
इसके उपरांत स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
मुख्य वक्ताओं में डॉ. हरलोकश नारायण यादव, ऐडिशनल प्रोफेसर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली; डॉ. संजीव यादव, प्रिंसिपल साइंटिस्ट, सीएसआईआर–सीडीआरआई लखनऊ; और डॉ. आकाश वेद, सेंट्रल काउंसिल मेंबर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली, हेड फ़ैकल्टी ऑफ़ फ़ार्मेसी एवं एसोसिएट डीन एकेटीयू लखनऊ ने अपने उपयोगी विचार प्रस्तुत किए।
राष्ट्रीय सेमिनार में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, उससे जुड़ी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
कीनोट स्पीकर के रूप में डॉ. हरलोकश नारायण यादव ने हृदय विफलता में विटामिन डी की भूमिका पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने वीडियो, ग्राफ़ और वैज्ञानिक आँकड़ों के माध्यम से विटामिन डी के महत्व को स्पष्ट करते हुए शोध आधारित जानकारी प्रस्तुत की।
डॉ. आकाश वेद ने फ़ार्मेसी शिक्षा में एआई के बढ़ते उपयोग, उससे उत्पन्न चुनौतियों और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे पाठ्यक्रम संशोधनों के बारे में महत्वपूर्ण चर्चा की।
डॉ. संजीव यादव ने उद्योग एवं अनुसंधान में फ़ार्मासिस्टों की बदलती भूमिका, नई तकनीकों और भविष्य के उभरते अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
एसएमजीआई के चेयरमैन डॉ विवेक यादव ने एआई विषय पर हुए राष्ट्रीय सेमिनार की सफलता पर संस्थान के सभी स्टाफ को बधाई दीं।
पोस्टर प्रस्तुति सत्र का मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायकों—डॉ. लोकेश भारद्वाज, प्रिंसिपल, प्रेम रघु फ़ार्मेसी कॉलेज हाथरस; डॉ. त्रिभुवन सिंह, डीन, फ़ैकल्टी ऑफ़ फ़ार्मेसी, एफएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद; और डॉ. विनोद रजक, प्रिंसिपल, आरबी कॉलेज ऑफ़ फ़ार्मेसी इटावा—द्वारा किया गया।
विजेता प्रतिभागियों में प्रथम स्थान सीएसआईआर–सीडीआरआई लखनऊ के अनिकेत यादव, द्वितीय स्थान फार्मेसी संकाय यूपीयूएमएस सैफ़ई की मोहिनी, और तृतीय स्थान आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद की दीपाली सिंह ने प्राप्त किया। विजेताओं को स्मृति–चिह्न एवं प्रमाणपत्र भेंट किए गए।
अंत में निदेशक डॉ. यू.एस. शर्मा ने अपने संबोधन में सेमिनार की प्रासंगिकता, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के महत्व और बदलती तकनीक के युग में फ़ार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का संस्थान की ओर से हार्दिक स्वागत किया और आयोजन समिति के समर्पण की प्रशंसा की।
संस्थान के चेयरमैन डॉ. विवेक यादव ने सम्मेलन में उपस्थित सभी मुख्य वक्ताओं, आमंत्रित अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों तथा पोस्टर विजेताओं के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन समिति की मेहनत, टीमवर्क और उत्कृष्ट आयोजन व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह नेशनल सेमिनार संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्ता का प्रतीक है।
कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री पारिका ठाकुर, एसोसिएट प्रोफेसर, फ़ार्मेसी विभाग द्वारा किया गया । कार्यक्रम में कॉलेज के समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
