संघर्ष और संकल्प की मिसाल बने: संदीप कुमार

इटावा जनपद के लौंगपुर गांव में जन्मे संदीप कुमार आज उन लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं। एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने अपने संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ निश्चय से यह साबित कर दिया कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।


संदीप कुमार का जन्म 13 जुलाई 1986 को हुआ। उनके पिता श्री सुरेंद्र सिंह एक किसान हैं, जबकि माता श्रीमती कमलेश कुमारी एक गृहिणी हैं। जन्म से ही 70 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद संदीप कुमार ने कभी अपनी कमजोरी को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। बचपन से ही उनके भीतर शिक्षा प्राप्त करने का मजबूत संकल्प था, जिसके बल पर उन्होंने हर परीक्षा में सफल होने का प्रयास किया और लगातार आगे बढ़ते रहे।
संदीप कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कुम्हावर स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल और सर्वोदय इंटर कॉलेज से आठवीं तक शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2001 में वे इटावा आ गए, जहां उन्होंने वर्ष 2003 में राजकीय इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2005 में के.के. इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की।


उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज, हैंवरा से वर्ष 2008 में प्रथम श्रेणी बीएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 2010 में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से संबद्ध बकेवर के जनता इंटर कॉलेज से जुलॉजी विषय में एमएससी प्रथम श्रेणी की डिग्री प्राप्त की। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए उन्होंने वर्ष 2011 में बीएड प्रथम श्रेणी की डिग्री भी हासिल की।
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद संदीप कुमार ने कभी हार नहीं मानी। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद से ही उन्होंने बच्चों को होम ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया था। इसी से प्राप्त आय के माध्यम से उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखी और स्वयं को शिक्षित बनाया।

2015 में संदीप कुमार ने शादी की पत्नी भी शिक्षित है लेकिन वह ग्रहणी रूप में उनका हाथ बंटा रही उनके दो बच्चे है एक बेटी केंद्रीय विद्यालय में तो बेटा लॉर्ड कृष्ण इंटर कॉलेज में ही शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा प्राप्त करने के बाद 2019 से जनता इंटर कॉलेज में प्रवक्ता जीव विज्ञान के शिक्षक के रूप में कार्य करना शुरू किया।इस साथ लॉर्ड कृष्ण इंटर कॉलेज में भी अतिथि अध्यापक के रूप में कार्य किया और तब से अब तक निरंतर बच्चों को जीव विज्ञान की शिक्षा दे रहे हैं और उनके द्वारा पढ़ाए गए बच्चे शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के उद्देश्य से संदीप कुमार ने वर्ष 2024 में “एसपी क्लासेस” नाम से अपना कोचिंग संस्थान शुरू किया। इस संस्थान में वे सीबीएसई बोर्ड से संबंधित अकादमिक, पैरामेडिकल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। उनकी मेहनत और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लगातार उत्कृष्ट सफलता प्राप्त हो रही है।


सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी संदीप कुमार का योगदान उल्लेखनीय रहा है। एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दिए गए प्रभावशाली भाषण के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा स्पीच अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण संदीप कुमार अपने संस्थान में दिव्यांग और गरीब विद्यार्थियों को फीस में विशेष छूट भी प्रदान करते हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाए।


आज के समय में जब कई लोग पूरी तरह सक्षम होने के बावजूद अपने लक्ष्यों तक नहीं पहुंच पाते, वहीं संदीप कुमार 70 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद बिना किसी के सामने हाथ फैलाए अपने परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर एक सम्मानजनक मुकाम तक पहुंचे हैं। उनका जीवन संघर्ष, आत्मनिर्भरता और प्रेरणा का एक जीवंत उदाहरण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *