शिक्षा जगत के समर्पित शिक्षाविद: डॉ० प्रमोद कुमार का प्रेरणादायी सफर

इटावा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डॉ० प्रमोद कुमार एक अनुभवी शिक्षाविद् एवं कुशल प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं। उनका जन्म 03 नवंबर 1968 को उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में पिता स्व० लाखन सिंह एवं स्व० श्री देवी के घर हुआ। उनकी पत्नी का नाम श्रीमती गीता सिंह है।
डॉ० प्रमोद कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल एवं सरकारी इंटर कॉलेज से प्राप्त की। उच्च शिक्षा के अंतर्गत उन्होंने गवर्नमेंट रज़ा पीजी कॉलेज से स्नातक, बरेली कॉलेज से मास्टर डिग्री तथा आगरा विश्वविद्यालय से पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। इसके साथ ही उन्होंने अकादमिक एडमिनिस्ट्रेशन में भी प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
अपने शिक्षण करियर की शुरुआत उन्होंने दयावती मोदी एकेडमी, रामपुर से की, जहां लगभग 15 वर्षों तक उन्होंने पीजीटी गणित एवं तीन वर्षों तक हेड मास्टर के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रधानाचार्य के रूप में कार्य किया, जिनमें विद्या भारती पब्लिक स्कूल, सीकर, झुंझुनू एकेडमी, डीपीएस डूंगरपुर (राजस्थान), इंडो अमेरिकन पब्लिक स्कूल, उदयपुर एवं बीबीएल पब्लिक स्कूल, बरेली शामिल हैं। वर्तमान में वे पिछले 10 वर्षों से इटावा स्थित ज्ञान स्थली एकेडमी में प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षण कार्य के दौरान उन्हें रोटरी क्लब, लायंस क्लब एवं राज्य शिक्षा विभाग द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 1996 में उनका चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा हेल्थ डिपार्टमेंट में सहायक रिसर्च ऑफिसर के पद पर हुआ, लेकिन अध्यापन के प्रति गहरी रुचि के कारण उन्होंने सरकारी सेवा को त्याग दिया।
डॉ० प्रमोद कुमार साहित्यिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वर्ष 2015 में नेपाल के काठमांडू में आए भूकंप से प्रभावित होकर उन्होंने “कुदरत का विद्रोह” नामक नाटक लिखा, जिसे हिंदी ओलंपियाड फाउंडेशन एवं शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की चयन समिति द्वारा विश्व स्तर पर 13वां स्थान प्राप्त हुआ। इसके लिए उन्हें दिल्ली के सी.डी. देशमुख ऑडिटोरियम में लद्दाख के राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया।
समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनका योगदान सराहनीय रहा है। लायंस क्लब रामपुर के सदस्य के रूप में उन्होंने लगभग 8 वर्षों तक ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कराया। साथ ही दीपावली के अवसर पर स्लम क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों के साथ पर्व मनाया। इटावा में भी उन्होंने विद्यालय के माध्यम से कपड़ों का संग्रह कर भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों एवं उनके बच्चों तक सहायता पहुंचाई।
उल्लेखनीय है कि ज्ञान स्थली एकेडमी की स्थापना वर्ष 2000 में शिव प्रसाद यादव द्वारा की गई थी, जिसने इस वर्ष अपने 25 वर्ष पूर्ण किए हैं। वर्तमान में यह इटावा शहर का एक प्रतिष्ठित सीबीएसई मान्यता प्राप्त सहशिक्षा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है, जहां कक्षा 12 तक विज्ञान, वाणिज्य एवं मानविकी विषयों की शिक्षा उपलब्ध है। विद्यालय में आधुनिक सुविधाएं जैसे वातानुकूलित कक्षाएं, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, समृद्ध पुस्तकालय एवं प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं।
डॉ० प्रमोद कुमार का जीवन शिक्षा, समर्पण और समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
संपर्क:
ईमेल: dr.pkumar03@gmail
मोबाइल: 8979686809

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