(प्रेम कुमार शाक्य)
जसवंतनगर/इटावा। स्थानीय ग्राम निलोई में पक्की सड़क पर लंबे समय से भरे जलभराव ने आखिर एक मासूम की जान ले ली। गांव निवासी हरनाथ सिंह की 15 वर्षीय पुत्री सलोनी कश्यप की पानी भरे रास्ते में पैर फिसलने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
बताया गया है कि सलोनी किसी काम से घर से निकली थी। घरेलू नालियों की सही व्यवस्था न होने के कारण गांव की पक्की सड़क पर काफी पानी व कीचड़ भरा हुआ था। इसी में उसका पैर अचानक फिसल गया और सिर में चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सलोनी की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हरनाथ सिंह की पांच बेटियों में सलोनी चौथे नंबर की थी, जबकि परिवार में एक बेटा भी है। बेटी की मौत के बाद मां-बाप और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी घटना से स्तब्ध हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की अधिकांश नालियों का पानी पक्की सड़क पर भरा रहता है। जलभराव व कीचड़ की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। पक्की सड़क होने के बावजूद पानी निकासी की व्यवस्था न होने से रास्ते तालाब जैसे बने रहते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं कराया गया, जिसका खामियाजा अब एक परिवार को अपनी बेटी खोकर भुगतना पड़ा है।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। गांव के लोगों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव की समस्या दूर कराने और जिम्मेदार प्रतिनिधियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पक्की सड़क पर जलभराव बना मौत का कारण, फिसलने से 15 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत
