इटावा। थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में रेखा पैलेस के समीप पानी की टंकी पर तीन किन्नरों के चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने के बाद किन्नरों के दो पक्षों के बीच चल रहा विवाद और गरमा गया है। पुलिस के समझाने के बाद तीनों किन्नरों को टंकी से नीचे उतार लिया गया था। अब दूसरे पक्ष ने प्रेस वार्ता कर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
नया शहर चौराहा स्थित करीब डेढ़ सौ वर्ष पुरानी बताई जा रही अनारकली की हवेली पर शुक्रवार को कई जिलों से किन्नरों के जुटने का सिलसिला शुरू हुआ। गद्दीधारक किन्नरों ने आपात बैठक कर कथित रूप से बेला रानी और उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। बैठक में रूबी हाजी, शांता बाई, चांदनी किन्नर, वर्षा हाजी, नंदिनी पांडे और पायल किन्नर समेत अन्य किन्नरों ने अपना पक्ष रखा।
नंदिनी पांडे ने प्रेस वार्ता में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह हाजी अनारकली बाई की शिष्या, अल्लारखी की पोती और केला की छठवीं पीढ़ी से हैं। उन्होंने बताया कि उनकी गुरु अनारकली करीब 105 वर्ष की हैं और अस्वस्थ चल रही हैं। उनके अनुसार नया शहर चौराहे की हवेली लंबे समय से किन्नर परंपरा और गद्दी से जुड़ी रही है।
‘दो साल में सक्रिय हुआ, अब असली किन्नरों को कर रहा बदनाम’
प्रेस वार्ता में गद्दीधारक किन्नरों ने आरोप लगाया कि बेला रानी पिछले करीब दो वर्षों से इटावा में सक्रिय है और उसके साथ लड़कों का एक गिरोह होने का दावा किया गया। आरोप लगाया गया कि इस गिरोह के माध्यम से लोगों से कथित रूप से वसूली कराई जाती है, जिससे पारंपरिक रूप से बधाई मांगने वाले किन्नरों की छवि प्रभावित हो रही है।
नंदिनी पांडे ने बेला रानी को लेकर उसकी पहचान और पुराने ठिकाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि करीब दो वर्ष पूर्व तक इटावा में बेला रानी नाम से उसका कोई खास वजूद नहीं था और वह कथित रूप से कुर्रा क्षेत्र में दूसरे नाम से रहती थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पानी की टंकी पर चढ़ने को लेकर भी उठाए सवाल
किन्नर शांता बाई ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दबाव से बचने और प्रशासन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से बेला रानी पक्ष के लोग पानी की टंकी पर चढ़े थे। उन्होंने कहा कि जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद इस तरह का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की।
गिरफ्तारी नहीं हुई तो एसएसपी कार्यालय घेरने की चेतावनी
गद्दीधारक किन्नरों ने पुलिस प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए बेला रानी, तमन्ना और करन जाटव की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही बेला रानी के विरुद्ध पूर्व में किसी कार्रवाई या प्रकरण के आधार पर वैधानिक कार्रवाई किए जाने तथा यदि कानूनी रूप से लागू हो तो जिला बदर की कार्रवाई की मांग भी उठाई।
किन्नरों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किन्नर इटावा पहुंचेंगे और कचहरी परिसर में आंदोलन करेंगे।
‘शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित न हो’
गद्दीधारक किन्नरों का कहना है कि विवाद के कारण किन्नर समाज के भीतर तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने और शहर की शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।
