भरथना। जयोत्री अकादमी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कैलाश यादव, डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग कॉर्डिनेटर (सी. बी.एस.ई) इटावा एवं प्रबंधक व प्रधानाचार्य, पानकुँवर इंटरनेशनल स्कूल द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ।

इस अवसर पर जयोत्री अकादमी के प्रधानाचार्य श्री योगेंद्र नाथ मिश्रा ने, मुख्य अतिथि डॉ. कैलाश यादव, प्रशिक्षक अतिथियों रिसोर्स पर्सन एम. एस. मनोज, प्रधानाचार्य, डिवाइन लाइट स्कूल तथा रिसोर्स पर्सन प्रदीप कुमार सिंह, पीजीटी (कंप्यूटर साइंस) सेंट लॉरेंस स्कूल, फर्रुखाबाद को पटका एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया और सभी प्रशिक्षुओं का स्वागत किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. कैलाश यादव ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षा के बदलते स्वरूप में शिक्षकों के लिए नई तकनीकों से परिचित होना और उन्हें अपनाना आवश्यक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई) शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की व्यापक संभावनाएँ प्रदान करती है।”

दिनभर चले प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक एम. एस. मनोज एवं प्रदीप कुमार सिंह ने इटावा के लगभग आधा दर्जन विद्यालयों से आए 60 से अधिक शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बुनियादी अवधारणाओं से लेकर उसके उन्नत उपयोग तक की जानकारी दी। विभिन्न एआई उपकरणों के माध्यम से शिक्षण, पाठ्य सामग्री निर्माण और कक्षा की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए गए।

धन्यवाद ज्ञापन में प्रबंध निदेशक डॉ. नितिन पोरवाल ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “शिक्षक का निरंतर सीखते रहना ही शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलते समय के अनुरूप सक्षम बनाते हैं और तकनीक के सार्थक उपयोग का मार्ग प्रशस्त करते हैं।”
कार्यक्रम का सफल संचालन अश्वनी यादव ने किया और इसे सफल बनाने में अमित तिवारी, धर्मेन्द्र यादव, मो. यूसुफ, साक्षी यादव, रोहित एवं रवि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
