जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान पर डॉ. कैलाश चंद्र यादव को मिला ‘भागीरथ सम्मान’

लखनऊ/इटावा। जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए छात्र पर्यावरण संसद के संयोजक एवं पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल, मानिकपुर मोड़, ग्वालियर बायपास, इटावा के प्रबंधक डॉ. कैलाश चंद्र यादव को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित भव्य समारोह में प्रतिष्ठित ‘भागीरथ सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज और विद्यार्थियों में जागरूकता फैलाने, सतत विकास के लिए प्रेरित करने तथा छात्र पर्यावरण संसद के माध्यम से पर्यावरणीय चेतना का व्यापक अभियान संचालित करने के लिए प्रदान किया गया।


समारोह में उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव तथा नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के महाप्रबंधक डॉ. राजशेखर ने संयुक्त रूप से डॉ. यादव को प्रशस्ति पत्र एवं भागीरथ सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्र पर्यावरण संसद जैसे अभियानों को भविष्य की पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया।
अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने डॉ. कैलाश चंद्र यादव द्वारा विद्यालयों एवं समाज में चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में प्रेरणादायक साबित होंगे।
महाप्रबंधक डॉ. राजशेखर ने कहा कि विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र पर्यावरण संसद भविष्य में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देगी।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. कैलाश चंद्र यादव ने इस उपलब्धि को छात्र पर्यावरण संसद से जुड़े सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं सहयोगियों को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए नई जिम्मेदारी और प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने प्रदेशभर के विद्यालयों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, अधिकाधिक वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
डॉ. कैलाश चंद्र यादव को मिला यह प्रतिष्ठित ‘भागीरथ सम्मान’ जनपद इटावा के लिए भी गौरव का विषय बन गया है। उनके सम्मानित होने पर शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

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