इटावा। पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल, इटावा में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, सम्मान एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के चेयरमैन डॉ. कैलाश चन्द्र यादव एवं प्रधानाचार्य श्री अरविंद कुमार तोमर सहित समस्त शिक्षकों ने सहभागिता कर गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षकों ने अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान को स्मरण किया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, प्रेरणा एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।

इस अवसर पर प्रभाकर तिवारी, गौरव वर्मा, कविता दुबे, नीलम पाल, रीतेश अग्रवाल, संजीव कुमार, महाराज सिंह, विश्वबंधु चौधरी, एकता तिवारी, शिखा राय, अभिषेक त्रिपाठी सहित विद्यालय के अनेक शिक्षकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की तथा गुरु पूर्णिमा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
चेयरमैन डॉ. कैलाश चन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा,
“गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि संस्कार, चरित्र और जीवन की सही दिशा भी प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों को सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए तथा उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र और समाज के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।”

प्रधानाचार्य श्री अरविंद कुमार तोमर ने कहा,
“गुरु पूर्णिमा हमें अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण की भावना विकसित करने की प्रेरणा देती है। एक शिक्षक का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर ज्ञान, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास का विकास करना है। यही मूल्य उन्हें जीवन में सफल बनाते हैं।”
कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने इस अवसर को अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी बताते हुए सभी गुरुजनों के प्रति अपनी हार्दिक श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया।
