हैदराबाद विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में इटावा के शिक्षक डॉ. संजीव यादव ने प्रस्तुत किया शोधपत्र

इटावा। जनपद के शिक्षक एवं शिक्षाविद् डॉ. संजीव कुमार यादव को हैदराबाद विश्वविद्यालय, तेलंगाना में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में शोधपत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया। देश-विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए कुलपति, कुलसचिव, प्रोफेसर, शोधार्थी एवं शिक्षाविदों की मौजूदगी वाले इस अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर डॉ. संजीव कुमार यादव ने “DIASPORA FRAGMENTATION AND LEGAL REFORM: Reimagining Family Citizenship and Justice in Globalized India” विषय पर अपने विचार एवं शोध प्रस्तुत किए।

डॉ. संजीव ने कहा कि उनके लिए यह गर्व का विषय है कि बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े वह इस विश्वस्तरीय सेमिनार में विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित होने वाले अकेले शिक्षक थे। उन्होंने कहा कि जीवन में भले ही वह बहुत कुछ हासिल न कर पाए हों, लेकिन ईश्वरीय कृपा, माता-पिता, गुरुजनों, परिजनों और मित्रों के आशीर्वाद व स्नेह से वह ज्ञान का दीपक निरंतर जलाते रहेंगे।

हैदराबाद विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ सोशल साइंस के ऑडिटोरियम में आयोजित एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, हितधारक परामर्श तथा सावित्रीबाई फुले ग्लोबल सुपर-30 शिक्षा उत्कृष्टता एवं प्रेरणा सम्मान-2026 का आयोजन गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (जीकेएसएसएस), एसआरएम विश्वविद्यालय, दिल्ली-एनसीआर, सोनीपत तथा हैदराबाद विश्वविद्यालय के भारतीय प्रवासी अध्ययन केंद्र (सीएसआईडी) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

सेमिनार में शिक्षा, समाज, शोध, साहित्य, संस्कृति, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सरोकार और भारतीय प्रवासी परिवारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों ने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान वाचन से हुआ। वक्ताओं ने संविधान के मूल्यों, सामाजिक न्याय, समानता, लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं नागरिक अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

उद्घाटन सत्र में हैदराबाद विश्वविद्यालय के भारतीय प्रवासी अध्ययन केंद्र के प्रमुख प्रो. अजय के. साहू ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे सहित अन्य वक्ताओं ने प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में सामाजिक विज्ञान विद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता प्रो. के. सुनीता रानी, डॉ. बी.आर. आंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय हैदराबाद के शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. जी. मैरी सुंनदा, हैदराबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. गजेंद्र पाठक, भारत सरकार से संबंधित सीएसएल की स्वतंत्र निदेशक मंडल सदस्य डॉ. सीमा सूरी, शिक्षाविद् डॉ. संजीव कुमार यादव सहित अनेक प्रमुख शिक्षाविद उपस्थित रहे।

सेमिनार के तीन तकनीकी सत्रों में भारतीय प्रवासी परिवारों में सामाजिक परिवर्तन, पारिवारिक कल्याण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक पहचान तथा बदलती सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में नीतिगत पहलुओं पर शोधपरक चर्चा हुई। शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों ने अपने शोधपत्र और अनुभव साझा किए। चर्चा में वैश्विक प्रवासन के दौर में भारतीय प्रवासी समुदाय के सांस्कृतिक मूल्यों, पारिवारिक संबंधों और अपनी जड़ों से जुड़े रहने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बिहार के डॉ. सुधांशु कुमार चक्रवर्ती की सामाजिक सरोकारों पर आधारित पुस्तक ‘विकास-क्षितिज’ का विमोचन भी किया गया।

इसी अवसर पर आयोजित सावित्रीबाई फुले ग्लोबल सुपर-30 शिक्षा उत्कृष्टता एवं प्रेरणा सम्मान-2026 में शिक्षा, सामाजिक सेवा, साहित्य, संस्कृति, शोध एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में योगदान देने वाले चयनित व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। डॉ. संजीव कुमार यादव को ग्लोबल सुपर-30 अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रो. जी. मैरी सुंनदा को भी सावित्रीबाई फुले ग्लोबल सुपर-30 सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. संजीव कुमार यादव द्वारा अभिनीत सामाजिक सरोकारों पर आधारित लघु फिल्म ‘पंच परमेश्वर’ का प्रदर्शन भी किया गया। फिल्म ईमानदारी, दोस्ती और न्याय जैसे मानवीय मूल्यों पर आधारित है। इससे पूर्व डॉ. संजीव किशोरियों की समस्याओं पर आधारित ‘सोनचम्पा’ तथा एंबुलेंस की उपलब्धता जैसे सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों में भी अभिनय कर चुके हैं।

आयोजकों के अनुसार, सेमिनार का उद्देश्य भारतीय प्रवासी परिवारों में हो रहे सामाजिक बदलाव, पारिवारिक कल्याण एवं नीतिगत प्रतिक्रियाओं को लेकर अकादमिक जगत, सामाजिक संगठनों, शोधार्थियों एवं विभिन्न हितधारकों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना था।

कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अतिथियों का स्वागत श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, मोहन सिंह, आकाश एवं विशु द्वारा शाल, स्मृति-चिह्न एवं पौधा भेंट कर किया गया। कार्यक्रम के अंत में हैदराबाद विश्वविद्यालय के भारतीय प्रवासी अध्ययन केंद्र की पीएचडी शोधार्थी बीबा सी. बाबू ने आभार व्यक्त किया।

डॉ. संजीव कुमार यादव की इस उपलब्धि से जनपद के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर जनपद के शिक्षक का शोध प्रस्तुत करना तथा ग्लोबल सुपर-30 सम्मान प्राप्त करना शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उनकी सक्रियता को रेखांकित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *