इटावा। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री एवं प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज परिसर, इटावा में तीन दिवसीय सरस मेले का शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन सदर विधायक सरिता भदौरिया ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर विधायक ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और उनके स्वनिर्मित उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ रोजगार और आय के अवसर भी मिलते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर जोर दिया।

मेले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। इनमें जैविक कृषि उत्पाद, मौसमी सब्जियां, पंचनद मसाले, पंचनद सरसों का तेल, पॉपकॉर्न, जौ का आटा, रागी का आटा, मल्टी ग्रेन आटा, मुनक्का, कोदो, इमली की गोली, हींग की गोली, अचार, रेडीमेड गारमेंट्स, सेनेटरी पैड, हैंडवॉश, टॉयलेट क्लीनर, पूजा सामग्री, धूप-बत्ती, अगरबत्ती तथा झाड़ू आदि शामिल हैं।

मेले के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा सरकार की ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाएं अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों को सीधे बाजार में बेचकर आर्थिक लाभ प्राप्त कर रही हैं। इससे उन्हें स्वरोजगार के साथ सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है।

उपायुक्त (स्वतः रोजगार) विनय कुमार ने बताया कि तीन दिवसीय सरस मेले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा स्टॉल लगाकर स्वनिर्मित उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम में जिला मिशन मैनेजर सूर्य नारायण पाण्डेय, शैलेन्द्र सिंह, सौरभ पाण्डेय, ब्लॉक मिशन मैनेजर आशुतोष सिंह सहित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
