इटावा, 3 अक्टूबर। तहसील सदर में शनिवार को जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न मामलों से संबंधित 41 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से छह शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।

डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण महज कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित अधिकारी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनें और वास्तविक स्थिति की जांच करने के बाद कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रकरणों की गंभीरता से जांच की जाए तथा यदि किसी व्यक्ति की जवाबदेही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें जमीन से संबंधित प्राप्त हुईं। इस पर जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवादों का मौके पर निरीक्षण कर दोनों पक्षों को सुनते हुए नियमानुसार समाधान कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निस्तारण में देरी का कारण भी दर्ज किया जाए। सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर निस्तारित कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने अधिकारियों को गांवों के भ्रमण के दौरान अपने-अपने विभाग से संबंधित सरकारी योजनाओं का मौके पर सत्यापन करने तथा लाभार्थियों से सीधे फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन की स्थिति सामने आएगी और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सकेगा।
समाधान दिवस में अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने थानाध्यक्षों को प्रत्येक मामले में मौके पर जाकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शासन स्तर से शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया जा रहा है, इसलिए प्रत्येक मामले का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक ढंग से किया जाए।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे
