भरथना,इटावा। साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में श्रृंगार,हास्य और वीर रस के सरस्वती पुत्रों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से मौजूद समस्त हिन्दी प्रेमियों को काव्य के रस में सरावोर कर साहित्यिक यात्रा करवायी।
रविवार को कस्बा के मुहल्ला सरोजनी रोड स्थित जय वाटिका में सद्भावना साहित्य परिषद के तत्वाधान् में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष अरूण कुमार गुप्ता ‘‘अन्नू‘‘ ने विशिष्ट अतिथि व्यापार मण्डल जिलाध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता,कार्यक्रम अध्यक्ष पूर्व चैयरमैन मनोज पोरवाल,पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया,पूर्व जिलाध्यक्ष अजय धाकरे के साथ ज्ञान की देवी माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। तदुपरान्त परिषद के संस्थापक अरविन्द पोरवाल,अध्यक्ष रामनरेश पोरवाल,सचिव अनिल कुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष विनय कुमार पोरवाल आदि ने आगन्तुक अतिथियों का माल्यार्पण, प्रतीक चिन्ह्र,अंगवस्त्र व पगडी पहनाकर जोरदार स्वागत सम्मान किया। साथ ही कवि महेश मंगल द्वारा रचित काव्य कृतियों का लोकार्पण किया गया। कवियत्री मंजू मृदुल ने सरस्वती वन्दना के साथ कवि सम्मेलन को गति प्रदान की। वहीं कुमार सूरज ने ‘‘दर्द गम में संवारे सभी जायेगें‘‘ व डा.शर्मेश बाराबंकी ने ‘‘अकेला एक पिता बेहतर है दस बच्चे खिलाता है‘‘ पढकर पारिवारिक परिस्थितियों पर कटाक्ष किया। साथ ही हरनाथ सिंह चौहान ने ‘‘वे बोली इतिहास यहाँ पर मैं भी तो गढ सकती हूँ‘‘ व डा.मंजू मृदुल ने ‘‘चाहती सम्मान हूँ, कुछ और मांगूगी नहीं‘‘ पढकर तालियां बटोरीं। बद्रीप्रसाद द्विवेदी ने ‘‘मैं प्रश्न पूछता हूँ,माली कब आयेगा तेरा बसन्त?‘‘ व धर्मेश अविचल ने ‘‘हर दिल झूम रहा है अब तो‘‘ पढकर वाहवाही लूटी। वहीं संजय कुमार,डा.एस.के.श्याम, सुरेश चन्द्र,महेन्द्र मिहोनवी, हरीश चन्द्रहरि ने भी अपनी-अपनी रचनायें पढीं। इस मौके पर रामपाल सिंह राठौर,राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला,सुभाष श्रीवास्तव, करूणा शंकर दुबेे,ब्रहम प्रकाश श्रीवास्तव,शिव कुमार सक्सेना,अमित श्रीवास्तव,अनिल पाठक, कृष्णपाल सिंह राठौर, रघुराज सिंह कुशवाह, वीरेन्द्र सिंह चौहान,अंकुर चौहान,दलवीर यादव, विपिन बिहारी दुबे, श्रीकृष्ण पोरवाल,सन्तोष वर्मा,जमुना दास लखवानी, अशोक रावत,सुशील पोरवाल,सुनील दीक्षित सहित सैकडों साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
