इटावा। आधुनिक दौर में जहां जन्मदिन पर लोग भव्य और खर्चीले आयोजन करते हैं, वहीं बसरेहर क्षेत्र में संचालित ग्रो मोर कंप्यूटर इंस्टीट्यूट की टीम ने समाजसेवा और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की। संस्था के संस्थापक उमाशंकर सिंह के सुपुत्र गोपाल उर्फ दीपेंद्र का जन्मदिन नेत्रहीन बच्चों और वृद्धजनों के बीच सादगी एवं सेवाभाव के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत ब्लाइंड रिलीफ एकेडमी, इटावा में हुई। यहां नेत्रहीन बच्चों के साथ केक काटकर जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं। खास बात यह रही कि उसी दिन एक अन्य छात्र का भी जन्मदिन था। दोनों ने साथ मिलकर केक काटा। इस अवसर पर बच्चों को उपहार वितरित किए गए तथा उनके साथ खेलकूद कर समय बिताया गया। बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
इसके बाद टीम वृद्ध आश्रम पहुंची, जहां वृद्धजनों के साथ समय बिताकर उनका सम्मान किया गया और आशीर्वाद लिया। इस दौरान बुजुर्गों के बीच अपनापन और खुशी का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में संस्थापक उमाशंकर सिंह, आशा फैसिलिटेटर संगीता देवी, युवती मंडल एवं NYV की अध्यक्ष व शिक्षिका रीतिका कश्यप, MSW शिक्षिका मोहिनी कश्यप, शिक्षक दीपेश कांत तथा विशेष अतिथि एवं पत्रकार विनय बाथम की गरिमामयी उपस्थिति रही।
आयोजन को सफल बनाने में माई भारत के वॉलंटियर्स एवं ग्रो मोर टीम के ऋषु बाथम, संजय, सुमित, निखिल, विवेक, हर्ष, वाशु, अनामिका, दिव्यांशी और शानी ने सहयोग किया। टीम के सदस्यों ने कहा कि जरूरतमंद और विशेष बच्चों तथा वृद्धजनों के बीच खुशियां बांटकर जन्मदिन मनाना आत्मिक संतोष देने वाला अनुभव है। आयोजन की क्षेत्र में सराहना की गई।
