इटावा। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया हॉकी टर्फ ग्राउंड आज बदहाली और अव्यवस्थाओं का शिकार नजर आ रहा है। खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रीय स्तर की तैयारियों के उद्देश्य से बनाए गए इस मैदान की स्थिति अब खेल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय खिलाड़ियों और अभिभावकों का आरोप है कि टर्फ ग्राउंड की नियमित देखरेख नहीं हो रही। मैदान के कई हिस्सों में टर्फ उखड़ चुका है, सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मैदान की दुर्दशा खिलाड़ियों में निराशा पैदा कर रही है।
खिलाड़ियों का कहना है कि नियमित कोचिंग व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। समय पर प्रशिक्षण नहीं मिलने और संसाधनों की कमी के चलते प्रतिभाशाली खिलाड़ी पीछे होते जा रहे हैं। खिलाड़ियों के अनुसार, जिस ग्राउंड पर बेहतर अभ्यास और प्रतियोगिताओं की उम्मीद थी, वहां अब मूलभूत व्यवस्थाएं भी नदारद हैं।
अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार और खेल विभाग खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि खिलाड़ी ही सुविधाओं से वंचित रहेंगे, तो करोड़ों की ऐसी परियोजनाओं का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
स्थानीय खेल प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि हॉकी टर्फ ग्राउंड की तत्काल मरम्मत कराई जाए, नियमित कोचिंग व्यवस्था बहाल की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो यह करोड़ों की लागत से बना हॉकी टर्फ ग्राउंड केवल एक दिखावटी परियोजना बनकर रह जाएगा और खिलाड़ियों के सपने टूटते।
करोड़ों का हॉकी टर्फ ग्राउंड बदहाल, खिलाड़ियों का भविष्य अधर में
