इटावा, 12 अप्रैल 2026।जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आईजीआरएस संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन स्तर पर आईजीआरएस की रैंकिंग की लगातार समीक्षा की जाती है, इसलिए सभी विभाग शिकायतों के निस्तारण को गंभीरता से लें और प्रत्येक प्रकरण में शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक प्राप्त करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि डिफाल्टर प्रकरणों पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कई विभाग गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं तथा शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित नहीं किया जा रहा है, जो गंभीर विषय है।
बैठक में जिला स्तरीय आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कृषि विभाग के 9 में से 8, वन विभाग के 8 में से 6, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के 9 में से 6, खान निरीक्षक के 5 में 5, एआरटीओ के 4 में 4, पंचायत विभाग के 4 में 3, सिंचाई विभाग के 5 में 3, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के 2 में 2 तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी के 3 में 2 प्रकरणों में असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त होने की जानकारी सामने आई। वहीं लोक निर्माण विभाग के 5 में 1 तथा विद्युत विभाग के 3 में 1 प्रकरण में भी शिकायतकर्ताओं ने असंतोष व्यक्त किया।
जिला स्तरीय हेल्पलाइन की समीक्षा में पूर्ति विभाग के 187 में से 44 प्रकरणों में असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।
ब्लॉक स्तरीय समीक्षा में ताखा विकास खंड के 4 में 4, बढ़पुरा के 9 में 2 तथा महेवा के 3 में 2 प्रकरणों में असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रार्थना पत्र का गंभीरता से अध्ययन कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि बढ़ सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ कोषाधिकारी डोगरा शक्ति, उप कृषि निदेशक आर.एन. सिंह, डीएसटीओ रमेश चंद्र, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों को गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
