इटावा, 15 अक्टूबर 2026। गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की शादी अनुदान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल ने बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी के लिए योजना पूर्व की भांति ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है। योजना में पहले आओ, पहले पाओ का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पात्र आवेदक आधिकारिक पोर्टल https://shadianudan.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले शासनादेश में निर्धारित पात्रता एवं अन्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

ये हैं योजना की प्रमुख पात्रता शर्तें
जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की वार्षिक आय शहरी क्षेत्र में ₹56,460 तथा ग्रामीण क्षेत्र में ₹46,080 से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों को तहसील से ऑनलाइन जारी जाति प्रमाण पत्र का क्रमांक आवेदन में दर्ज करना अनिवार्य है।
विवाह के समय पुत्री की आयु कम से कम 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला तथा दिव्यांग आवेदकों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। एक परिवार की अधिकतम दो पुत्रियों की शादी के लिए अनुदान अनुमन्य होगा।
शादी से 90 दिन पहले या बाद में करें आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए विवाह की तिथि से 90 दिन पूर्व अथवा विवाह की तिथि से 90 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। विगत वित्तीय वर्ष की मांग होने पर चालू वित्तीय वर्ष में अनुदान अनुमन्य नहीं होगा।
आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक खाते में एनपीसीआई पोर्टल के माध्यम से डीबीटी एवं आधार सीडिंग सुनिश्चित करानी होगी। ऑनलाइन आवेदन में भरे गए विवरण के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेजों की हार्डकॉपी ग्रामीण क्षेत्र के आवेदकों को संबंधित ब्लॉक में तथा शहरी क्षेत्र के आवेदकों को तहसील में निर्धारित समय के भीतर जमा करनी होगी।
एक ही योजना का मिलेगा लाभ
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आवेदक आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उन्होंने समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अथवा शादी अनुदान योजना में से किसी एक का ही लाभ लिया हो। दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ अनुमन्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि आवेदन शासनादेश में निर्धारित पात्रता, विधिक शर्तों एवं प्रक्रिया के अनुसार ही स्वीकार किए जाएंगे। सरकार द्वारा समय-समय पर नियमों में किए जाने वाले संशोधनों के अधीन योजना का लाभ दिया जाएगा। पात्र परिवारों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं।
