इटावा। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इटावा द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर पाक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों एवं उसके कानूनी परिणामों के प्रति विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया। अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ 25 सितंबर को संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल से किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रार्थना सभागार में अपर जिला जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को बाल संरक्षण कानूनों एवं पाक्सो अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है तथा बालक या बालिका की सहमति कानूनन मान्य नहीं है।
अपर जिला जज ने बताया कि बाल विवाह, यौन उत्पीड़न तथा बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराध कठोर दंडनीय अपराध हैं। उन्होंने बच्चों की पहचान, फोटो एवं व्यक्तिगत गोपनीयता को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या या अपराध की स्थिति में सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पाक्सो अधिनियम किसी भी लिंग के बच्चे के साथ हुए यौन अपराध पर लागू होता है तथा इसके प्रावधान लड़के और लड़की दोनों के लिए समान रूप से लागू होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय पहुंचे अपर जिला जज आलोक कुमार श्रीवास्तव का प्रधानाचार्य/निदेशक डॉ. आनंद ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। विद्यालय प्रबंधन ने इस जागरूकता अभियान को बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति महत्वपूर्ण पहल बताया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित इस विशेष जागरूकता अभियान का द्वितीय चरण 2 अक्टूबर से प्रारंभ होगा, जिसके माध्यम से बच्चों एवं समाज के अन्य वर्गों को बाल संरक्षण और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
