इटावा को 604 करोड़ की 128 विकास परियोजनाओं की सौगात, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

इटावा, 26 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इटावा के नुमाइश पंडाल में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जनपद को 604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले इटावा की पहचान भय और दहशत से जुड़ी थी, लेकिन आज यह जनपद विकास, सुरक्षा और सम्मान की नई पहचान बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने इटावा की पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए कहा कि यह भूमि सनातन संस्कृति और संस्कारों की पावन धरा है तथा प्रदेश सरकार इसे भयमुक्त, समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश और देश के किसी भी हिस्से में इटावा के युवाओं को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार ने इटावा के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान में 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक तथा 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक तैयार हो चुका है, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है।

उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जनपद के 540 गांवों में लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है, जिससे 2.35 लाख से अधिक परिवारों को हर घर नल योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सड़क एवं आधारभूत ढांचे की परियोजनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि चंबल नदी पर इटावा-ग्वालियर (एनएच-92) मार्ग पर 296 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नेचर ब्रिज, इटावा-कन्नौज (एनएच-91ए) मार्ग पर 344 करोड़ रुपये की लागत से सुदृढ़ीकरण कार्य, तथा इटावा-करहल मार्ग (एनएच-92) पर 228 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हैं। साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे एवं प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे से इटावा को जोड़कर क्षेत्र को औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी शोभायात्रा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, जबकि आज पूरे प्रदेश में सभी धार्मिक पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ग्रोथ इंजन बन चुका है। अब “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” नहीं, बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी)” की नीति लागू है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बिना सिफारिश और बिना भ्रष्टाचार के उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबी, आवास की चाबी, कैशलेस चिकित्सा कार्ड, स्वयं सहायता समूहों को ई-रिक्शा हेतु डेमो चेक, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, टूल किट, श्रम सम्मान योजना तथा अन्य योजनाओं के स्वीकृति पत्र एवं सहायता राशि वितरित की।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य, पूर्व सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया, विधायक सरिता भदौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

इस दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साही, महिला कल्याण निगम की प्रभारी कमलावती, पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता, पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया, पूर्व विधायक सिद्धार्थ शंकर, पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल मोहन शर्मा, आयुक्त कानपुर मंडल के. विजयेन्द्र पांडियन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *