इटावा। समाज सेवा, शिक्षा और परोपकार की पावन त्रिवेणी के बीच जनपद की दो प्रमुख विभूतियों के जीवन की 80वीं वर्षगांठ एक ऐतिहासिक और स्मरणीय क्षण के रूप में दर्ज हो गई। भारत विकास परिषद धर्मार्थ सेवा शाखा, इटावा तथा श्री शंकर धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय राहतपुर, इटावा के संयुक्त तत्वावधान में श्री राधा कृष्ण मंदिर के पावन परिसर में दोनों विभूतियों का भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम यशस्वी शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. विद्याकांत तिवारी तथा श्री शंकर धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय की संचालक समिति के अध्यक्ष महेश चन्द्र तिवारी (अलकापुरी) की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ।

इस विशिष्ट समारोह के सूत्रधार और विशेष सहयोगी रहे, सदा पर्दे के पीछे ही रहने वाले परमार्थी सेवाव्रती एवं श्री शंकर धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय राहतपुर के संस्थापक/ संचालक श्री राजेंद्र कुमार दीक्षित, जिनके द्वारा संजोए गए इस अप्रतिम आयोजन में दोनों ही विभूतियों को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन की शुभकामनाएं देने के लिए नगर के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्ध वर्ग, समाजसेवियों, शिक्षकों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा।
शिक्षा और सेवा के संगम का सम्मान

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 80 वर्ष की यह जीवन-यात्रा केवल उम्र का पड़ाव नहीं, बल्कि समाज के उत्थान के लिए समर्पित एक प्रेरणादायी तपस्या है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा के प्रकाश पुंज डॉ. विद्याकांत तिवारी: पूर्व प्राचार्य डॉ. विद्याकांत तिवारी ने अपने दीर्घ शिक्षण काल में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा है। शिक्षा जगत में उनके अनुकरणीय योगदान और नैतिक मूल्यों की स्थापना ने उन्हें सदैव पूजनीय बनाए रखा है। अपने सम्बोधन में भी उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा और अविस्मरणीय सम्मान समारोह है।
श्री शंकर धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय की संचालक समिति के अध्यक्ष के रूप में महेश चन्द्र तिवारी ने दृष्टिहीनों और वंचित वर्ग के उपचार के लिए जो सेवा की मिसाल कायम की है, वह जनपद के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है।
शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ और अनेक उपहार भेंट कर जताया आदर
कार्यक्रम में उपस्थित भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों, चिकित्सकों, वरिष्ठ पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों ने दोनों वरिष्ठ विभूतियों को माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर भावभीना सम्मान व्यक्त किया। पूरा सभागार करतल ध्वनि और शुभकामनाओं के जयघोष से गुंजायमान रहा। दोनों महापुरुषों ने इस अगाध स्नेह और आदर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित जनसमूह को अपना शुभाशीर्वाद दिया और कहा कि समाज की सेवा ही जीवन की सबसे बड़ी सार्थकता है।
इस अवसर पर परम पूज्य संत श्री वासुदेव मुनि पटियाला बाबा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग संघ चालक विनोद चंद्र पांडे, उनकी धर्मपत्नी शारदा पांडे, संघ के विभाग प्रचारक यशवीर, सह विभाग संघ चालक राम नरेश शर्मा, भारत विकास परिषद पांचाल प्रांत के अध्यक्ष डॉ. आर एन दुबे, धर्मार्थ शाखा के अध्यक्ष हरिदत्त दीक्षित, सचिव महेश कुमार बाथम, कोषाध्यक्ष सीबी मिश्रा, कवि कमलेश शर्मा, डॉ. कुश चतुर्वेदी, शोभाराम तिवारी, नवल शुक्ला, डॉ, श्यामपाल सिंह, डॉ. रिपुदमन सिंह, ब्रज़ानंद शर्मा, सत्य प्रकाश उपाध्याय, कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी देवेंद्र सक्सेना, विनोद त्रिपाठी, डा. जेके तिवारी, केके त्रिपाठी, अवधेश सविता, जगदीश सिंह यादव, प्रदीप आढ़तिया, कौशल चतुर्वेदी, गणेश ज्ञानार्थी, संयुक्त प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेंद्र भसीन, सुधीर मिश्र, देवेश शास्त्री, मुजफ्फर अली लड्डन, रघुवीर यादव, प्रेरणा ज़ुबैरी, मोइउद्दीन ज़ुबैरी, नीतेश प्रताप सिंह, वीके सिंह, डॉ. आरपी तिवारी, स्मृति दुबे, हरिशंकर त्रिपाठी, अनुराग असफल, श्रीमती सीता मिश्रा, श्रीमती सरिता चतुर्वेदी (महिला संयोजिका), श्रीमती उत्तरा दीक्षित, डॉ. बिंदू सिंह, सुशीला तिवारी, सुषमा बाथम, शीला त्रिपाठी, अनीता सक्सेना समेत
बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक, परिषद् के सदस्य और चिकित्सालय परिवार के लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य महेश चंद्र तिवारी ने किया तथा आभार कौशल चंद्र चतुर्वेदी ने जताया। इस उपलक्ष में सभी को शानदार पारम्परिक भारतीय भोज ग्रहण कराया गया।
