इटावा। सर मदनलाल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, इटावा में 6वें राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह एवं विश्व फार्मासिस्ट दिवस-2026 के अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का विषय “फार्माकोविजिलेंस के माध्यम से औषधियों के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देना: सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा की ओर एक कदम” तथा विश्व फार्मासिस्ट दिवस का विषय “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना” था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विकास यादव वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर,मदन हॉस्पिटल रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में इंद्र बहादुर,फार्मासिस्ट, पोस्टमार्टम हाउस एवं अध्यक्ष, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन; श्री विशाल स्नातक, फार्मासिस्ट, टीबी हॉस्पिटल एवं मंत्री, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन तथा सतेंद्र कुमार, फार्मासिस्ट, सीएचसी सरसईनावर उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों को संस्थान की ओर से पुष्पगुच्छ के साथ स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों को फार्माकोविजिलेंस, औषधि सुरक्षा तथा फार्मासिस्ट की विशेष स्वास्थ्य सेवाओं में भूमिका के संबंध में बताया।
राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह एवं विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर एसएमजीआई के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न फार्मा क्विज, लीफलेट मेकिंग, पोस्टर प्रेजेंटेशन, स्पीच एवं रील मेकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपनी विषयगत जानकारी, रचनात्मकता एवं संचार कौशल का प्रदर्शन किया।
इस आयोजन में यूपीयूएमएस, सैफई के चिकित्सा एवं शैक्षणिक विशेषज्ञों ने सहभागिता की। कार्यशाला को डॉ. आशा पाठक, प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी एवं समन्वयक, एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर, यूपीयूएमएस, सैफई, के साथ डॉ. अतुल कुमार मिश्रा, डॉ. सुनील चौधरी , डॉ. राघुल राजा , डॉ. अरविंद गुप्ता , डॉ. लाल नुनपुई , डॉ. अजीत गोंड एवं डॉ. संदीप बालोतिया ने संबोधित किया।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को एडीआर की पहचान एवं रिपोर्टिंग, औषधि सुरक्षा, तर्कसंगत औषधि उपयोग तथा फार्माकोविजिलेंस की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।
विभिन्न आयोजित प्रतियोगिताओं में फार्मा क्विज में प्रथम स्थान मोहम्मद उजैद, बी.फार्मा पंचम सेमेस्टर, द्वितीय स्थान अनमोल तिवारी, बी.फार्मा तृतीय सेमेस्टर तथा तृतीय स्थान आकांक्षा कुमारी, बी.फार्मा पंचम सेमेस्टर ने प्राप्त किया।
लीफलेट मेकिंग प्रतियोगिता में अंशिका सोनी प्रथम, बी.फार्मा पंचम सेमेस्टर, द्वितीय आयुष कुमार, बी.फार्म पंचम सेमेस्टर तथा तृतीय स्थान पर हसनैन खान, बी.फार्म तीसरा सेमेस्टर रहे।
पोस्टर प्रेजेंटेशन में आयुषी गौर, प्रथम ,बी.फार्मा सप्तम सेमेस्टर, द्वितीय ,इल्मा बी.फार्म प्रथम सेमेस्टर तथा तृतीय इल्मा फातिमा, बी.फार्म प्रथम सेमेस्टर रहीं।
भाषण प्रतियोगिता में प पीयूष शाक्य प्रथम, बी.फार्म सप्तम सेमेस्टर ,द्वितीय स्थान पर तनु,बी.फार्म पंचम सेमेस्टर तृतीय देवांगी यादव, बी.फार्म सप्तम सेमेस्टर रहे।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रतीक चिन्ह एवं प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. सुनयना अग्रवाल, डॉ. सीमा तिवारी, श्री मुकेश पाठक, श्री सूर्यांशु मिश्रा, सुश्री कीर्ति शर्मा एवं सुश्री प्रतिमा कुमारी शामिल रहे।
संस्थान के निदेशक डॉ. यू. एस.शर्मा ने कहा कि फार्माकोविजिलेंस केवल प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य औषधियों के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग के माध्यम से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को एडीआर की पहचान एवं रिपोर्टिंग के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
संस्थान के चेयरमैन डॉ. विवेक यादव ने विद्यार्थियों, अतिथियों एवं आयोजन समिति को कार्यक्रम की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में विषयगत ज्ञान के साथ-साथ रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को विकसित करने में भी सहायक होते हैं।
