जसवंतनगर,इटावा। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ ब्रह्माणी सेवा समिति द्वारा ब्रह्माणी देवी मंदिर परिसर में अष्टमी और नवमी के दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया। समिति पिछले 16 वर्षों से लगातार इस परंपरा का निर्वहन कर रही है,जिससे यह आयोजन अब एक बड़े धार्मिक उत्सव का रूप ले चुका है।
इस वर्ष भंडारे की खास बात यह रही कि गैस सिलेंडर की कमी के चलते भोजन लकड़ी की भट्टी और चूल्हे पर तैयार किया गया। पारंपरिक तरीके से बने प्रसाद ने श्रद्धालुओं को विशेष स्वाद और भक्ति का अनुभव कराया। भंडारे में पूड़ी-सब्जी के स्थान पर मालपुआ, सब्जी, रवा और चने का हलवा बनाया गया, जिसे लोगों ने बड़े उत्साह से ग्रहण किया।
आयोजकों के अनुसार करीब 5 कुंतल आटे से मालपुए तैयार किए गए और लगभग 4 से 5.5 हजार लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन में अनुशासन, सहयोग और सेवा भाव देखने को मिला।
इस आयोजन को सफल बनाने में सत्यवीर पाठक,राजू राजपूत,सचिन धाकरे, महेश धाकरे,अतुल महेरे, अनिल राजपूत,मुन्नेश राजपूत,मुन्नेश धाकरे, भूपेंद्र धाकरे और बिक्की धाकरे सहित कई लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
गैस की हाय तौबा:लकड़ी से भट्टी-चूल्हे पर बना भंडारा
