स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, आशा चयन एवं टीबी नोटिफिकेशन बढ़ाने के निर्देश

इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, आशा चयन, परिवार नियोजन, संस्थागत प्रसव, टीबी नियंत्रण एवं आयुष्मान भारत योजना सहित कई बिंदुओं पर चर्चा हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने ग्रामीण आशाओं के चयन की समीक्षा करते हुए चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण मानव शक्ति हैं, इसलिए रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। समीक्षा में बताया गया कि जसवंतनगर में 44, महेवा में 31 के सापेक्ष 7, बसरेहर में 18, भरथना में 16, बढ़पुरा में 38, ताखा में 15, चकरनगर में 10 तथा सैफई में 28 आशाओं का चयन शेष है।

परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने और एफएसटी में शून्य स्थिति समाप्त करने के निर्देश दिए। पीपीआईयूसीडी इंसर्शन की संस्थागत उपलब्धि में कम प्रगति वाले क्षेत्रों में सुधार करने को कहा गया।

अंतरा इंजेक्शन कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2025 में 492 तथा अप्रैल 2026 में 455 लाभार्थी रहे। बसरेहर में वर्ष 2025 में 218 के सापेक्ष 2026 में 70 तथा ताखा में 53 के सापेक्ष 17 लाभार्थी रहे। इस पर जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों पर इंजेक्शन एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कार्यक्रम पर विशेष फोकस रखने के निर्देश दिए।

संस्थागत प्रसव की समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2025 में 1060 तथा अप्रैल 2026 में 1089 संस्थागत प्रसव हुए। सीएचसी एवं जिला महिला चिकित्सालय में एफआरयू सिजेरियन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सर्सईनावर अस्पताल में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मासिक डेटा रिपोर्ट की समीक्षा में ताखा 57.39 प्रतिशत, सैफई 70.80 प्रतिशत, भरथना 72.22 प्रतिशत, जसवंतनगर 71.45 प्रतिशत, बढ़पुरा 79.34 प्रतिशत तथा बसरेहर 76.33 प्रतिशत प्रगति पर पाए गए, जबकि विभागीय लक्ष्य 95 प्रतिशत निर्धारित है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को संयुक्त प्रयास से लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।

आरबीएसके स्कूल उपलब्धियां 94.03 प्रतिशत तथा आरबीएसके एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की उपलब्धियां 93.18 प्रतिशत पाई गईं। वहीं ई-संजीवनी सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश भी दिए गए।

सीबीएसी फील्ड फाइलिंग की समीक्षा में जसवंतनगर 9.7 प्रतिशत, भरथना 7.6 प्रतिशत तथा बढ़पुरा 7.9 प्रतिशत पाया गया। ब्लॉकवार स्क्रीनिंग में जसवंतनगर और भरथना की स्थिति मात्र 0.7 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और आशा कार्यकर्ताओं को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

टीबी नोटिफिकेशन की समीक्षा में जनपद की कुल प्रगति 81.85 प्रतिशत पाई गई। जिलाधिकारी ने गांवों से अधिक से अधिक सैंपल एकत्र कर लैब भेजने तथा अभियान चलाकर टीबी नोटिफिकेशन बढ़ाने के निर्देश दिए। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय अभियान में 519 नए मरीज चिन्हित किए गए हैं। बसरेहर, भरथना एवं इटावा क्षेत्र में अधिक मरीज मिलने पर विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए गए।

एनक्यूएएस मूल्यांकन 2026 की समीक्षा में वर्तमान में 34 इकाइयां संतोषजनक पाई गईं। जिलाधिकारी ने शेष कमियों को शीघ्र दूर कर मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने को कहा।

स्वास्थ्य सूचकांकों पर आधारित प्रदेशीय रैंकिंग में इटावा जनपद 75 जिलों में 15वें स्थान पर है। आभा आईडी की समीक्षा में इटावा, चकरनगर एवं सैफई की स्थिति कमजोर पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए गए।

आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में बढ़पुरा, चकरनगर एवं ताखा की प्रगति कम पाई गई। योजना के अंतर्गत कुल 1088 आईडी में से 398 सक्रिय एवं 690 निष्क्रिय पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित समीक्षा और सुधार के निर्देश दिए।

बैठक में बृजेंद्र सिंह, परितोष शुक्ला, अनिल कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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